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हल्द्वानी- यहां इस पानी को पीकर लोगो में पनप रही ये जानलेवा बीमारियां, डॉक्टर भी दे रहे ये जवाब

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contaminated drinking water, हल्द्वानी में जहां एक ओर लोग पेयजल किल्लत की मार झेल रहे है। वही लालकुआं में भी हालात बत से बत्तर बने हुए है। आलम यह है कि लोग मिनर्लस ने वल्की बीमारियों के भरे पानी पीने को मजबूर है। इतना ही नहीं लोगो की माने तो इस तरह का पानी पीकर नई-नई बीमारियां अपने पैर जमा रही है। जिससे लोगो में जान का जोखिम बना हुआ है। जिनका इलाज करने पर खुद डॉक्टर पानी को मुख्य कारण बता रहें है। अपनी इन्हीं परेशानियों को लेकर सेंचुरी पेपर मिल के प्रदूषण से परेशान लालकुआं के स्थानीय लोग डीएम कैंप कार्यालय जा धमके। इतना ही नहीं इस दौरान इनके हाथों में दूषित पानी की बोतल भी नजर आई। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पेपर मिल प्रबंधन पर मानकों की अनदेखी कर लालकुआं व बिंदुखत्ता क्षेत्र में जल जनित प्रदूषण के साथ ही वायु व ध्वनि प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैमिकल युक्त गंदा पानी छोडऩे से ग्रामीण बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।

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डीएम से की बचाव की मांग

पर्यावरण संरक्षण समिति बिंदुखत्ता-लालकुआं के बैनर तले तमाम लोग शनिवार को डीएम वीके सुमन से मिले और ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि पेपर मिल का प्रदूषण इतना भयंकर है कि तीन किलोमीटर के दायरे में बगैर चश्मे दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने पेपर मिल के जल, वायु व ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने, कैमिकल युक्त नाले को भूमिगत करने तथा बिंदुखत्ता घोड़ानाला के संबंध में एनजीटी के आदेशों का पालन कराने, वर्ष 2005 में हुए समझौते के अनुसार बिंदुखत्ता-लालकुआं के शिक्षित बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने, फैक्ट्री एक्ट के तहत स्थानीय लोगों को स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा व बिजली की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराने जैसी मांगें उठाईं।

जंगली जानवरो की हो रोकथाम

वही इस दौरान गौलापार के दर्जनों ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी वीके सुमन को ज्ञापन सौंपा। उनका कहा कि गौलापार के बसंतपुर व सीतापुर के किसानों की फसल को जंगली जानवरों के साथ ही आवारा पशु लंबे समय से खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने ग्राम बसंतपुर से दानीबंगर तक सुरक्षा दीवार का निर्माण किये जाने, बाहरी व्यक्तियों के आवारा पशुओं को गांवों में छोडऩे पर अंकुश लगाने, आवारा पशुओं के लिए गौशाला का निर्माण किये जाने की मांग उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों सांड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था, तीन लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। ऐसे जानवरों को आबादी से दूर किये जाने पर भी जोर देने की मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व में वन विभाग के अफसरों के साथ ही वन मंत्री को भी मामले से अवगत कराया गया है। लेकिन मामले में कोई कार्यवाई नहीं हुई।