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हल्द्वानी- सूरज हत्याकांड में घटनास्थल से बरामद हुई ऐसी चीजें तो फफक-फफक कर रो पड़ा भाई

हल्द्वानी-हल्दचौड़ में हुए सूरज हत्याकांड की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रहे है। पीएम रिपोर्ट में बाहरी चोटों की बात सामने आयी लेकिन मौत कैसे हुई ये स्पष्ट नहीं हो पाया। गुरुवार को घटनास्थल पर राखी देख मृतक के भाई गोबिंद की आंख भर आई। यह राखी रक्षाबंधन पर बहन सपना ने दोनों भाइयों को बांधी थी। इसके बाद गोबिंद अपनी दुकान में चला गया, जबकि सूरज भर्ती में शामिल होने के लिए लालकुआं। बरामद राखी और उसके ताऊ के लडक़े तेजबहादुर के हाथ में पहनी राखी एक जैसी थी। पुलिस ने गुरुवार को भी मृतक सूरज के परिजनों के साथ आसपास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान घटनास्थल से कुछ दूर फावड़ा भी मिला, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के जूते, बनियान व घड़ी बरामद नहीं हो सकी।

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बिसरा खोलेगा मौत का राज

पुलिस मृतक के बिसरा को लैब भेजकर उसकी जांच कराने जा रही है। चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। वही पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट में शव खराब होने के बावजूद बाहरी खाल की चोट तो स्पष्ट हो गई, लेकिन मौत के कारण पता न चलना गले नहीं उतर रहा है। वही जांच अधिकारी सुधीर कुमार ने घटना के दिन आइटीबीपी भर्ती में शामिल भर्ती अधिकारियों व जवानों को नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया है। उस दिन भर्ती में आए दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं का नाम पता लेकर उनके घरों में जाकर भी उन्होंने पूछताछ की है।

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जवानों ने की थी सूरज की पिटाई

16 अगस्त को ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता निवासी ओमप्रकाश सक्सेना का 24 वर्षीय पुत्र सूरज सक्सेना भी भर्ती में शामिल होने के लिए यहां पहुंचा था। बताया जा रहा है कि दौड़ क्वालिफाई करने के बाद मिलने वाले टोकन नंबर को लेकर सूरज का भर्ती प्रक्रिया में शामिल आइटीबीपी के कुछ जवानों से विवाद हो गया। आइटीबीपी के जवानों ने सूरज की जमकर पिटाई लगा दी। जिसके बाद वह परिसर से भाग गया था।

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