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हल्द्वानी-सूरज निकलने से पहले मिले सूरज हत्याकांड से जड़े ये अहम सुराग, झाडिय़ों में दौड़ पड़ा दोस्त

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हल्द्वानी-आईटीबीपी कैंपस में हुए सूरज हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर आज सुबह सामने आयी। सूरज हत्याकांड के खुलासे के लिए उनके परिजनों के साथ कई लोग धरने पर बैठे है। वही हत्याकांड को लेकर हल्दूचौड़ से नानकमत्ता तक लोगों में काफी आक्रोश है। लोग जल्द हत्याकांड के खुलासे की मांग कर रहे हैं। बता दें कि सूरज की लाश मिलने के बाद पुलिस ने आईटीबीपी कैंपस चेकिंग अभियान चलाया था। जिसके बाद मौके पर फावड़ा और राखियां मिली थी। लेकिन इस मामले में आज सुबह बड़ा चौकाने वाली चीजें सूरज के दोस्त को मिली।

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झाडिय़ों में मिले सूरज के जूते

लगातार तीन दिनों से धरने पर बैठे सूरज के परिजनों के साथ उसका दोस्त भी मौजूद है। आज सुबह उसे झाडिय़ों के पास जूते मिले, जूते देखते ही उसने पहचान लिया। जिसके बाद उसने जूते मिलने की सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने जूतों की पुष्टि की। यह जूते सूरज के थे। बताया जा रहा है कि जूते आईटीबीपी कैंपस के बार तार बाढ़ के पास मिले। जिसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजन लगातार हत्याकांड के खुलासे की मांग कर रहे हैं।

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भर्ती के दौरान हुई थी हत्या

बता दें कि 16 अगस्त को ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता निवासी ओमप्रकाश सक्सेना का 24 वर्षीय पुत्र सूरज सक्सेना भी भर्ती में शामिल होने के लिए यहां पहुंचा था। बताया जा रहा है कि दौड़ क्वालिफाई करने के बाद मिलने वाले टोकन नंबर को लेकर सूरज का भर्ती प्रक्रिया में शामिल आइटीबीपी के कुछ जवानों से विवाद हो गया। आइटीबीपी के जवानों ने सूरज की जमकर पिटाई लगा दी। जिसके बाद वह परिसर से भाग गया था। इसके तीन दिन बाद सूरज की लाश मिली। जिसके बाद जिले भर में हडक़ंप मच गया।
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