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हल्द्वानी – पेयजल बचाने को हमें जल सैनिक बनना होगा-मेयर, जानिये कैसे बनेंगे जल सैनिक

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हल्द्वानी – मेडिकल कालेज सभागार में पानी की बचत करने के लिए जिला प्रशासन एवं नगर निगम की पहल पर मैक्स लाइफ कंपनी द्वारा पानी की बचत संबन्धी नोजल की लाचिंग समारोह पूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिह रौतेला, अपर सचिव मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार डा. सुखवीर सिह संधु तथा सचिव पेयजल अरविन्द सिह हृयांकी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में मैक्सलाइफ के वाइस चेयरमैन संजीव दीक्षित तथा प्रमुख दीपक खत्री ने कार्यक्रम मे मौजूद लोगों को मैैक्सलाइफ द्वारा लॉन्च की गई पानी बचाने की नोजल वितरित की। इस डिवाइस की विशेषता है कि यह पानी की टोटी के आगे लगाने पर 60 प्रतिशत बचत करेंगी। टोटी से आने वाले बेहताशा पानी को रोकेंगी तथा इससे पानी की बचत के साथ ही उसकी बरबादी भी रूकेगी।

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Jogendra Routela

जलशक्ति अभियान बड़ा महत्तवपूर्ण-मेयर

मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिह रौतेला ने कहा कि मौजूदा दौर में भविष्य के लिए पानी की बचत आवश्यक हो गई है, देश के प्रधानमंत्री द्वारा जल संरक्षण एवं सम्बद्र्धन के लिए अनेकों योजनायें देशभर मे लागू की गई है जिसमे से जलशक्ति अभियान महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड के जिले नैनीताल का चयन इस योजना मे किये जाने के लिए उन्होंने भारत सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पानी बचत के लिए हम सब को जागरूक होना होगा तथा जन आन्दोलन के माध्यम से पानी की बचत के सार्थक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि जल के बिना जीवन असम्भव है, इसलिए जीवन को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पानी की बचत के लिए जन सैनिक अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम सुबह उठे तो हमें जल के बारे में सोचना होगा। वही रात में सोते समय पानी को बचाने के विषय में सोचना होगा।

Jogendra Routela

जल है तो कल है- डा. संधु

अपर सचिव भारत सरकार डा. एसएस संधु ने कहा कि जल है तो कल है। इस बात को ध्यान में रखकर हमें पानी का कम से कम प्रयोग अपने जीवन में करना चाहिए और पानी की बरबादी को भी रोकना चाहिए, इसके साथ प्राकृतिक तौर पर वर्षा से बर्बाद होने वाले संग्रहण करना चाहिए ताकि संग्रहीत जल का प्रयोग सिंचाई आदि कार्यो मे हो सकें। अपर सचिव अरविन्द सिह हृयांकी ने कहा कि पेयजल की बचत ओर उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए जनसहयोग से फ्लैस के सिस्टर्न 3.5 लाख बालू भरी बोतलें डलवाई गई। प्रदेश सरकार जनजागरण के माध्यम से पानी की दिशा मे कार्यरत है।