हल्द्वानी-साहब मेरी बेटी की हत्या हुई है, कहते हुए बेबस बाप ने सीओ पर लगाये ये गंभीर आरोप

हल्द्वानी-दमुवाढूंगा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की हत्या के संबंध में उसके ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद उस पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन वह अपनी बेटी को न्याय दिलाना चाहता है।

नैनीताल पुलिस की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर उसने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार समेत सचिव, गृह विभाग उत्तराखंड शासन, डीजीपी उत्तराखंड, आईअी कुमाऊं, एसएसपी नैनीताल, महिला आयोग, अनुसूचित आयोग उत्तराखंड को प्रतिलिपि भेजी है। जिसमें उसने न्याय की गुहार लगाई है।

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Roma and Manish

बेटी की जहर देकर हुई हत्या

जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी भूपाल राम ने डा. स्वरज विद्वान (सदस्य) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार को भेजे गये एक शिकायती पत्र में कहा कि उसने अपनी बेटी रोमा का विवाह 14.05.2018 में राजीव नगर बिन्दुखत्ता निवासी मनीष राम पुत्र सुरेश राम से हुई। शादी के बाद वह दहेज के लिए बेटी को प्रताडि़त करने लगे। इसके बाद दहेज के लिए उसके पति मनीष, सास मंजू देवी, ससुर सुरेश राम तथा ननद ममता ने 19.6.2019 को जहर देकर उसकी बेटी की हत्या कर दी। जिसके बाद उन्होंने थाना लालकुआं में मुकदमा दर्ज कराया।

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सीओ पर लगाया धमकाने का आरोप

भूपाल राम का आरोप है कि पुलिस और मुल्जिम पक्ष लगातार उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रही है। पुलिस भी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। भूपाल राम का आरोप है कि विगत 3 जुलाई 2019 को लालकुआं सीओ ने उन्हें फोन कर काठगोदाम थाने बुलाया और बयान लेने के बहाने उसे धमकाया और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। साथ ही कहा कि मुकदमा वापस नहीं लेते हो तो तुम्हे झूठे केस में फंसा देेंगे। भूपाल राम का आरोप है कि उसकी बेटी को हत्यारों को बचाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की जांच अन्य थाने से कराने की मांग की और न्याय की मांग की है।

इस संबंध में लालकुआं सीओ राजीव कुमार का कहना है कि वह बार-बार बुलाने के बावजूद लालकुआं नहीं आ रहे थे। इसलिए मेरे द्वारा उन्हें काठगोदाम थाने में बयान के लिए बुलाया गया। हमने उनसे शादी के सबूत के तौर पर कागज वगैरह दिखाने की बात की। इतने वह भडक़ कर चले गये। सारे आरोप बेबुनियाद है।

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