iimt haldwani

हल्द्वानी-क्वींस स्कूल में लगी प्रदर्शनी, बच्चों ने ऐसे आकर्षित किया अभिभावकों का ध्यान

176

Haldwani News- शहर के प्रतिष्ठित क्वींस सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में आज विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी व प्रयोगशाला रखी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबन्धक आरपी सिंह, निदेशिका लिली सिंह, शैक्षिक निदेशक एमसी. डालाकोटी, प्रशासनिक निदेशक विक्रम सिंह कार्की व प्रधानाचार्य यूसी. बहुगुणा के द्वारा किया गया। इस दौरान वि़ज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा 6 से लेकर 10 के विद्यार्थियों द्वारा सीमेन्ट मिक्सर मशीन, वायरलेश क्रेन, विद्युत इलैक्ट्कि गेम, वीन्ड मिल, हाइडेइलैक्ट्सिीटी पावर प्लांट क्रोमोटेग्राफी क्रेन फोर्स मैकेनिकल एनर्जी फायर अलार्म, सर्किट सोलर पावर प्वाइंट 11 व 12 के विज्ञान वर्ग के बच्चों द्वारा संचार प्रणाली पिन टार्च, हैंड कट फ्लैम टार्च, टेसला टावर जिसके माध्यम से परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र द्वारा उत्सर्जन तंत्र उत्पादन द्वारा सभी अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया गया।

drishti haldwani

Queens Senior Secondary School

इसके अलावा हिंदी प्रर्दशनी में चित्रों द्वारा कविता वर्णन कहानी वर्णन कवियों की जीवनियां, व्याकरण से संबन्धित प्रयोग के द्वारा प्रकृति वर्णन सीता स्वयंवर पर आर्कषक मॅाडल बच्चों द्वारा प्रर्दशित किए गए। अंग्रेजी प्रर्दशनी में कामिक्स, हरित क्रान्ति, अंटार्कटिका, कवियों की जीवनियां तथा टूट की जीवन गाथा माडल द्वारा प्रर्दशित किया गया। सामाजिक विज्ञान प्रर्दशनी में ग्लोब ज्वालामुखी यंत्र, आदिवासियों के रहन-सहन, प्रदूषण, पार्लियामेंट व्हाइट हाउस आदि द्वारा सबका ध्यान आकर्षित किया गया।

Queens Senior Secondary School

बच्चों द्वारा चित्रकला व पुरानी वस्तुओं व सामग्रियों का पुन: निर्माण कर चित्रकला प्रदर्शनी में प्रयोग लाया गया। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 के बच्चों द्वारा विभिन्न विषयों गणित, अग्रेंजी, विज्ञान, हिंदी व सामाजिक विज्ञान से संबंधित चित्रकला व मॉडल काफी आकर्षक बनाए गए। बच्चों द्वारा अभिभावकों को मॉडल की जानकारियां भी विषयानुसार दी गई जो काफी सराहनीय रही।

Queens Senior Secondary School

प्रदर्शनी व प्रयोगशाला काफी ज्ञानवर्धक व उत्साहवर्धक रही। इस कार्यक्रम की सभी अभिभावकों व अतिथियों ने काफी सराहना की। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इस प्रर्दशनी की सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों और बच्चों को आर्शीवाद स्वरूप दिया।