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हल्द्वानी- पूनम पांडे हत्याकांड से ऐसे उठेगा सस्पेंस का पर्दा, आईजी कुमाऊं ने किया चौकाने वाला खुलासा

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: नगर के चर्चित हत्याकांड में चार महिने बाद भी पुलिस कातिलों को पकड़ पाने में असफल साबित हुई है। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयास सब नाकाम होते दिखाई दे रहे है। इधर जाते-जाते घटना के संबंध में आईजी कुमाऊं पूरन रावत हत्याकांड में शामिल हत्यारों के चेहरे पुलिस को पता होने की बात कर रहे है। हत्या के खुलासे को लेकर पुलिस लगातार हत्याकांड से संबंधित लोगो का पॉलीग्राफ टेस्ट करवा रही है। आईजी कुमाऊं द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पुलिस मामले में जल्द चार और लोगो का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने जा रही है। जिसमें पूनम पांडे की बेटी से भी पुलिस पूछताछ करेगी। इतना ही नहीं इसमें हल्द्वानी की एक कपड़े दुकान के मालिक व रुद्रपुर की दो अन्य युवतियों का भी पुलिस पॉलीग्राफ टेस्ट करेगी। आईजी कुमाऊं ने बताया हत्यारों की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स रामपुर के लिए रवाना की गई थी। लेकिन बात में पुलिस का लिंक टूट गया। जिस वजह से वह पुलिस के हाथों से बच निकले।

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लगातार कर रही पुलिस को गुमराह

बता दें कि पूनम पांडे हत्याकांड की एकमात्र गवाह पूनम की बेटी अपना बयान लगातार बदल रही है। वह ऐसा करके लगातार पुलिस को गुमराह कर रही है। आईजी कुमाऊं की माने तो पूनम की बेटी की हालत में अब सुधार है। लेकिन हत्याकांड की रात के बारे में पूछने पर वह अपना बयान बदलकर पुलिस की जांच को उलझा रही है। जिसके चलते हत्याकांड का खुलासा कर पाने में पुलिस असफल साबित हो रही है। वही अब पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद मामले में नई जानकारियां मिल सकती है। जिनकी मदद से हत्यारों को जल्द पकड़ा जा सकेगा।

क्या है पूरा मामला

ज्ञात हो मंडी पुलिस चौकी क्षेत्र में आने वाले गोरापड़ाव चौराहे से कुछ ही दूरी पर रहने वाले लक्ष्मी दत्त पांडे की पत्नी पूनम पांडे व पुत्री पर हमलावरों ने 27 अगस्त की रात हमला कर दिया था। जिसमें पूनम की मौत हो गई थी, जबकि पुत्री बुरी तरह घायल हो गई थी। मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई, लेकिन वह भी इसका खुलासा नहीं कर पाई। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर एसआईटी को जांच सौंपी गई। इस बीच पूनम की बेटी का एक वीडियो अस्पताल से वायरल हुआ जिसमें वह अंकित के अलावा निहारिका व प्रियंका के नाम स्पष्ट रूप से लेती सुनाई दे रही थी। इस मामले में पुलिस सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। मामले में चार माह बाद अब पुलिस हत्याकांड के खुलासे के लिए चार लोगो का पॉलीग्राफ टेस्ट करने जा रही है।