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हल्द्वानी-पारपंरिक योग से जोडऩे की ऐसी ट्रिक है मानसी जोशी के पास, ऐसे कर रही लोगों को प्रेरित

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-आज कल की व्यस्त जिन्दगी में हम सभी लोग अपने शरीर पर ध्यान ही नहीं देते है और इसका परिणाम ये होता है कि हम लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हो जाते है। शरीर को फिट और बीमारियों से मुक्त करने के लिए आप योग कर सकते है। योग दस हजार साल से भी अधिक समय से प्रचलन में है। योग को अन्तर्मन की यात्रा या चेतना को विकसित करने की एक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। योग हर बीमारी की दवा है। इससे इंसान स्वस्थ्य रहता है। इंडिया योगा एसोसिएशन की मेंबर मानसी जोशी इसे परम्परागत तरीकें से आगे बढ़ाने में जुटी है। उनकी यह मुहिम काफी सफल साबित हुई है। लोग लगातार उनसे जड़े रहे है। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने ऋषिकेश तत्व योगशाला से कोर्स किया है जो कि योगा एलाइंस इंटरनेशनल से सटेफाइड है। वह वर्तमान में ज्योलिकोट स्थित आदि योग फाउंडेशन की प्रजीडेंट है। इसी माध्यम से वह लोगों को जोडऩे में जुटी है।

परम्परागत योग से जोडऩे की मुहिम

मानसी जोशी ने बताया कि योग भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहा लोग शरीर को मोड़ते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। यह वास्तव में केवल मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करने वाले इस गहन विज्ञान के सबसे सतही पहलू हैं, योग का अर्थ इन सब से कहीं विशाल है । योग विज्ञान में जीवन शैली का पूर्ण सार आत्मसात किया गया है। उन्होंने कहा कि लोग इसका परम्परागत ढग़ भूलते जा रहे है। परम्परागत ढग़ से योग करने पर मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि लोग योग को फिजिकली हिसाब से कर रहे है जबकि इसके दिमाग के साथ इस्तेमाल कर करना चाहिए। उनका लक्ष्य इसे परम्परागत योग से जोडऩा है। वह महाऋषि पतंजलि के योग सूत्रों के तर्ज पर लोगों को जोड़ने में जुटी है।

फिल्मी गानों पर योग करना गलत

उन्होंने बताया कि आज लोग फिल्मी गीतों पर योग करते हुए नजर आ रहे हैं। वह केवल शरीर की बॉडी हिलाना नहीं बल्कि मानसिक तनाव को दूर करने वाला होना चाहिए। पुराने समय में हमारे ऋषि-मुनि मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए योग का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने बताया कि वह कई शिक्षण संस्थानों में बच्चों को योग के बारे में जानकारी देती आयी है कौन सा ढग़ सही है कौन-सा गलत। इसके अलावा कई संस्थानों मेंं वह योगा करा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि आसन सिर्फ हाथ-पैर हिलाना नहीं है बल्कि आसन के समय और एक ऑडर में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि योगासन करने से कई सारी बीमारियां ठीक हो सकती है। अगर आप घर पर ही योगासन करने की सोच रहे है तो इसके बारे में सही जानकारी ले कर ही करें। क्यूंकि योगासन अगर सही तरीके से नहीं किया गया तो यह नुकसान भी कर सकता है। इसलिए परम्परागत योग करना आवश्यक हैं।

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