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हल्द्वानी-ओ हिरा तेरी कुमाऊंनी गीत पहुंचा एक लाख के पार, हुडक़े की थाप ने फिर ताजा की पुरानी यादें

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- कुमाऊंनी कविताओं के कवि राजेन्द्र ढैला ने कविताओं के बाद कुमाऊंनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए गीत में लिखने शुरू किये। उनके इस प्रयास को सफलता के पंख लग गये। इससे कवि ढैला काफी खुश है। 3 जनवरी को उनके चैनल घुघती जागर से रिलीज हुए ओ हिरा तेरी की वीडियो एक लाख के पार पहुंच गई। इस गीत को लोकगायक गोकुल फत्र्याल ने गाया है। जबकि इसे राजेन्द्र ढैला और गोकुल फत्र्याल ने मिलकर लिखा है। साथ ही इस गीत में विशेष लोकगायक प्रहलाद मेहरा ने विशेष सहयोग दिया है। इसके बाद इस गीत को फिल्माया गया जिसमें पवन कार्की और भावना जलाल ने अभिनय किया है। यह पहला डीजे डांसिंग गीत है।

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पहाड़ी वाद्यय यंत्रों से सजाया गीत

इस गीत में बेहतरीन शब्दावली का प्रयोग किया गया। पहाड़ी बीनबाजा (मशकबीन), मुरूली, हुडक़ा, ढोल-दमाऊ का मिश्रण इस गाने को औस खास बनाता है। इस गीत को राजेन्द्र ढैला ने यू-ट्यूब चैनल घुघुती जागर से रिलीज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि गीतकार भी नये है गायक भी नया और चैनल भी एकदम नया इसके बावजूद दर्शकों ने इस गीत को खूब प्यार दिया और एक लाख के पार पहुंचा दिया। कवि राजेन्द्र ढैला ने सभी दर्शकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस गीत में छोलिया के अलावा कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है। यह गीत शराब के ऊपर बनाया गया है।