iimt haldwani

हल्द्वानी- अब सामंत का यह उत्तराखंडी गीत हुआ वायरल, एक दिन में पहुंचा लाखों के पार

1903

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)-सुपरस्टार लोकगायक बीके सामंत के थल की बजरा के बाद सात जनम सात वचन गीत वायरल हो गया है। एक बार फिर उत्तराखंड के सुपर स्टारों की सूची में शामिल हो चुके बीके सामंत के नये गाने से धमाल मचा दिया है। उनका यह गाना एक दिन में डेढ़ लाख से ऊपर पहुंच चुका है। एक नये म्यूजिक के साथ बेहतरीन कोरियोग्राफी, क्लीन पिक्चर क्वालिटी और वर्ष 2010 में इंडियन आइडल में प्रतिभागी रही कनिका जोशी के साथ बीके सामंत के सुर सुनकर आप भी इस गाने में खो जायेंगे। यह गीत मुबई कौतिक में 25 जनवरी की शाम 8.30 बजे रिलीज किया गया। रिलीज होते ही इस गाने से स्पीड पकड़ी और पहले 12 घंटे में पचास हजार व्यूज और 24 घंटे में एक लाख से ऊपर पहुंच गया। यू-ट्यूब पर इस गाने को अभी तक 146420 लाख लोग देख चुके है।

amarpali haldwani

13 लाख के ऊपर पहुंचा थल की बजारा

इस गाने को बीके सामंत ने अपने ही चैनल श्रीकुवंर इंटरटेनमेंट यू-ट्यूब चैनल से रिलीज किया है। इससे पहले उनका लाल चुन्नी कुर्ती यो तेरी काली, त्वे देखी सीटी ताली, बजूंछी पूरी थल की बाज़ार, थल की बाजार गाने ने समूचे उत्तराखंड में धूम मचाई। इस गाने को अभी तक यू-ट्यूब पर 13 लाख से ज्यादा लोक देख चुके है। मूलरूप से लोहाघाट के प्रेमनगर के रहने वाले सामंत इन दिनों मुबंई में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे है। वह बालीवुड जगत से जुड़े है। उनके गानों को युवावर्ग ही नहीं बुजुर्ग भी काफी पसंद कर रहे है। उन्होंने उत्तराखंड के संगीत को नया म्यूजिक दिया है। उनका सात जनम सात वचन गानों पहले ही दिन कई रिकॉर्ड तोड़ चुका है। इस गीत में पंजाब के दिशांत शर्मा और हिमाचल की तनज ठाकुर ने अभिनय किया है। इसे बालीवुड जगत मेें काम करने वाले बड़े स्टार कलाकरों ने तैयार किया है। सामंत एक के बाद एक सुपरहिट गीत देते जा रहे है।

देवभूमि का प्यार खींच लाया पहाड़-सामंत

न्यूज टुडे नेटवर्क से खास बातचीत में बीके सामंत ने बताया कि सात जनम सात वचन की शूटिंग चंपावत के कई क्षेत्रों में हुई है। जो एक बेहतरीन गाना है। इस गाने में पहाड़ की शादी को भी दिखाया गया है। साथ ही कुमाऊंनी पिछौड़ा पहली दुल्हन की विदाई रस्में देखने योग्य है। सामंत ने बताया कि वह उत्तराखंड के संगीत को एक नये स्तर पर ले जाने की कोशिश करेंगे। मुंबई जैसे महानगर रहने के बावजूद उत्तराखंड के प्रति उनका प्यार और खिंचाव उन्हें यहां के कल्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि मेरो पहाड़ जैसा गीत वह कभी जिंदगी में लिख नहीं पायेंगे इस गीत को सुनकर दिल और दिमाग में एक अलग ही शांति मिलती है। आप भी उनके यू-ट्यूब चैनल श्रीकुवंर इंटरटेनमेंट से इन गानों को भरपूर आनंद उठा सकते है।

बच्चों को सीखा रही पहाड़ी

मुंबई जैसे महानगर में रहने के बावजूद सामंत के परिवार में पहाड़ी बोली जाती है। सामंत ने बताया कि उनकी शादी महाराष्ट्र निवासी अमिता बी सामंत से हुई। उनकी दो बेटियों है। बड़ी बेटी का नाम युगमयी और छोटी बेटी का नाम जिनल है। उनकी बेटियां पहाड़ी भी बोलती है और उनके गानों को गाती भी है। वहीं उनकी पत्नी महराष्टियन होने के बावजूद थोड़ा बहुत पहाड़ी भाषा समझ लेती है। सामंत ने बताया कि हमारा एक अनोखा घर है जिसमें चार भाषाएं बोली जाती है। हिन्दी, मराठी, कुमाऊंनी और इग्लिश शामिल। उनकी बड़ी बेटी जबरदस्त एंकरिंग करती है। फिलहाल एक बेटी भारतनाट्यम तो दूसरी जिम्नास्टिक सीख रही है। वह अपने बच्चों को उत्तराखंड की संस्कृति, वेभभूषा के लिए प्रेरित करते रहते है।