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हल्द्वानी-मां के बुढ़ापे का सहारा बनने आया था सूरज, पढिय़ें दोस्त की जुबानी आईटीबीपी जवानों के दंरिदंगी की पूरी कहानी

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हल्द्वानी-हल्दूचौड़ में आईटीबीपी की भर्ती में आये सूरज की हत्या से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। वही दो दिन बाद सूरज का शव मिलने से परिजनों को बुरा हाल है। सूरज के साथी ने बताया कि सूरज ने दौड़ में क्वालीफाई कर लिया था बाद में टोकन को लेकर आईटीबीपी के जवानों ने उसे जमकर पीट दिया। इस दौरान बीच-बचाव में अलग-थलग किया गया। इस दौरान सूरज के पीठ से खून बहने लगा उसे कान से भी नहीं सुनाई दे रहा था। सूरज की मौत के बाद अज्ञात जवानों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Suraj Hatyakand

सालों ने तैयारी में जुटा था सूरज

सूरज की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बुढ़ी मां का सहारा बनने सूरज कई सालों से सेना की तैयारी कर रहा था। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि जो बेटा रोजगार के लिए गया था उसे मौत मिली है। उन्होंने बेटे के हत्यारों पर तुंरत कार्रवाई की मांग की। हल्दूचौड़ समेत पूरा ऊधमसिंह नगर जिला इस घटना से स्तब्ध है। देर रात परिजनों ने सूरज का शव ले जा रही एंबुलेंस को एक घ्ंाटे तक रोके रखा। आज सूरज के शव का पोस्टमार्टम किया जायेगा।

दौड़ में क्वालीफाई के बाद पीटा गया सूरज

बता दें कि आइटीबीपी परिसर हल्दूचौड़ में अर्धसैनिक बल एसएससी के जीडी कांस्टेबल की भर्ती चल रही है। 16 अगस्त को ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता निवासी ओमप्रकाश सक्सेना का 24 वर्षीय पुत्र सूरज सक्सेना भी भर्ती में शामिल होने के लिए यहां पहुंचा था। बताया जा रहा है कि दौड़ क्वालिफाई करने के बाद मिलने वाले टोकन नंबर को लेकर सूरज का भर्ती प्रक्रिया में शामिल आइटीबीपी के कुछ जवानों से विवाद हो गया। आइटीबीपी के जवानों ने सूरज की जमकर पिटाई लगा दी। जिसके बाद वह परिसर से भाग गया था।