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हल्द्वानी-एमआईईटी कुमाऊं केंपस में हुआ फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, उद्यमिता को लेकर किया ऐसे जागरूक

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- इंस्टीट्यूट ऑफ , एंत्रेप्रेंयूरशिप डेवलपमेंट उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के तत्वावधान में 26 मार्च, से 6 अप्रैल 2019 तक दो सप्ताह के फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का एमआईईटी कुमाऊं केंपस में आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया द्वारा स्पॉससर किया गया था। इस एफडीपी का मुख्य उद्देश्य उद्यमशीलता की संस्कृति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लिए योजनाबद्ध हस्तक्षेप के माध्यम से समाज में उद्यमशीलता और राज्य के आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए योगदान करना है। अनुसंधान तकनीकों का उपयोग विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों और शैक्षणिक डोमेन में किया जा सकता है और कार्यक्रम विश्वविद्यालय, कॉलेज, जूनियर कॉलेज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तकनीकी संस्थान और उद्यमिता को बढ़ावा देने में लगे व्यक्तियों संगठनों के संकाय शिक्षकों के लिए है। यह कार्यक्रम एक अर्थव्यवस्था में उद्यमिता की आवश्यकता और महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और बाहर जाने वाले छात्रों को मार्गदर्शन और परामर्श देने में ज्ञान और कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से होगा।

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इस एफडीपी का प्रबंधन डा. एमके सिंह, स्टेट हैड, आइईडी उत्तराखण्ड ने किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन 26 मार्च को डा. एमके सिंह, डा. बहादुर सिंह बिष्ट, प्रबन्ध निदेशक एमआइईटी कुमाऊं कैम्पस, रजनीकांता बिष्ट, निदेशक, स्वस्त्ययन पब्लिक स्कूल तथा कार्यकारी निदेशक तरुण सक्सेना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अवधि में डा. एमके सिंह, प्रसि़द्ध उद्यमी नानक चंद लोहिया, योगेश पांडेय जनरल मैनेजर डीआई सी, हल्द्वानी, डॉ. आशुतोष भट्ट, एसोसिएट प्रोफेसर, बायस भीमताल, रजनीकांता बिष्ट, निदेशक, स्वस्त्ययन पब्लिक स्कूल ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिये। कार्यक्रम का समन्वयन सुशांत पटेल, प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा किया गया।कार्यक्रम का समापन डा. कमल के पाण्डे, उपनिदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड, द्वारा इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राईटस (आइपीआर) के अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाल कर किया गया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक डा. बहादुर सिंह बिष्ट, रजनीकांता बिष्ट, कार्यकारी निदेशक तरुण सक्सेना, मनीषा कोरंगा, पंकज मेहता, मयंक साह, दीप्ति दुम्का, शीबा हसन, गणेश बिष्ट, नरेन्द्र मिश्रा आदि मौजूद थे।