iimt haldwani

हल्द्वानी-आंतों की परतों में है छाले और घाव तो परेशान होने की जरूरत नहीं, जानिये डा. एनएसी पाण्डेय से बीमारी से छुटकारे पाने के टिप्स

446

हल्द्वानी-साहस होम्योपैथिक क्लीनिक के डॉक्टर एनसी पाण्डेय ने हर बार कि तरह इस बार भी एक नये विषय पर सम्पूर्ण जानकारी दी। इस बार डा. एनसी पाण्डेय ने आंतों की परतों में हाने वाले छालों और घावों के बारे में जानकारी दी। डा. एनसी पाण्डेय ने बताया कि पेप्टिक अल्सर जिसे सामान्य भाषा में पेट की आंतों की परतों में हुए छालों या घावों को कहा जाता है। इस रोग में पेट में लगातार दर्द व जलन रहना एक सामान्य लक्षण है। उन्होंने बताया कि अल्सर को ठीक होने में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक लग जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद समय पर सही उपचार ना मिले तो कुछ केस में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ जाती है। जिससे इस रोग को ठीक होने में अधिक समय लगता है।

amarpali haldwani

ऐसे करें दवाईयों को सेवन

डा. एनसी पाण्डेय ले बताया कि आप कुछ खाते हैं या गैस्टिक की दवा लेते हैं तो यह कुछ समय तक यह रुक जाता है। पेप्टिक अल्सर या पेट के छालों के कई लक्षण होते है। पेट में दर्द पेट फूलना गैस बनना ’उल्टी में खून आना ’मल में गाढ़ा खून आना’ ’उल्टियां होना या जी मिचलाना ’वजन का घटना खून में कमी ’बिना खाना खाए भी पेट भरा सा लगना। उन्होंने बताया कि यह अधिक मात्रा में धूम्रपान और शराब का सेवन करना, ज्यादा मिर्च मसाला व गरिष्ठ भोजन का प्रयोग करना, ज्यादा तनाव में रहना आदि इसके कारण है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके रोग के लिए  capsicum 200 में दो ड्राप सुबह शाम ले इसके बाद  Adel. 16  की 20 तीन बार खाना खाने से आधा घंटा पहले साथ में  B C 25 की 4-4 गोली तीन बार लें। इसके साथ Alpha Acid  की एक गोली दिन में 3 से 6 बार तक ले। इस बात का भी ध्यान रखें कि रोगी ज्यादा देर तक खाली पेट ना रहे वह समय-समय पर कुछ ना कुछ हल्का फुल्का खाते रहे।