iimt haldwani

हल्द्वानी-दिलचस्प हुआ नैनीताल सीट पर मुकाबला, हरदा का टिकट हुआ लगभग पक्का!

423

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। जबकि भाजपा ने गुरुवार को अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर आज कई सीटों पर नामांकन भी कर लिया। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से भाजपा ने अपने प्रदेशध्यक्ष को टिकट थमाया है। अजय भट्ट को टिकट मिलने के बाद चर्चा है कि कांग्रेस नैनीताल सीट से पूर्व सीएम हरीश रावत को मैदान में उतार सकती है। सूत्रों के माने तो हरदा का नाम लगभग तय है। बताया जा रहा है कि आज शाम तक कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है। वही कल पूर्व सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि जहां पार्टी का आदेश और सब जानते हैं उसी का पालन होगा।

amarpali haldwani

यह भी पढ़े- हल्द्वानी-बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा गई नैनीताल लोक सभा सीट, जानिये क्या है इस सीट का इतिहास

यह भी पढ़े- नई दिल्ली-(सूत्र)-पूर्व सीएम विजय बहुगणा कह सकते है भाजपा को अलविदा!, कांग्रेस यहां से बना सकती है उन्हें उम्मीदवार!

हरदा को मिला टिकट तो बदलेंगे समीकरण

इससे पहले नैनीताल सीट से पूर्व सांसद महेन्द्र पाल का नाम सबसे आगे चल रहा था लेकिन भाजपा द्वारा अजय भट्ट को चुनावी मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार चयन को लेकर थोड़ा असमंजस्य में है। सूत्रोंं की माने तो हरीश रावत को पाटी्र हरिद्वार से टिकट न देकर नैनीताल-ऊधमसिंह नगर मैदान में उतारने की तैयारी में है। ऐसे में हरिद्वार में लाइन में लगे दिग्गजों की किस्मत खुल सकती है और नैनीताल सीट पर महेन्द्र पाल के हाथ मायूसी लग सकती है। फिलहाल इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं है कि पूर्व सीएम हरीश रावत आखिर कौन सी सीट से चुनाव लड़ेगे। सूत्रों की माने तो नैनीताल से हरीश रावत, अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा, पौड़ी से मनीष खंडूरी, हरिद्वार से ब्रहस्वरूप ब्रहचारी कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते है।

मतदाताओं को लुभाना बड़ी चुनौती

अगर कांग्रेस नैनीताल सीट से पूर्व सीएम हरीश रावत को टिकट देती है तो ऐसे में नैनीताल सीट प्रदेश के सबसे हॉट सीट हो जायेंगी। भाजपा के अजय भट्ट और कांग्रेस हरीश रावत के बीच मुकाबला जबरदस्त होने की उम्मीद है। दोनों उम्मीदवार मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के रहने वाले है। ऐसे में दोनों के लिए नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के मतदाताओं का दिला जीतना बड़ी चुनौती होगी। दोनों ही पार्टिया हर हाल में जीत अपनी झोली में डालना चाहेगी।