हल्द्वानी- पाइल्स की बिमारी का बिना ऑपरेशन पायें सफल इलाज, जाने श्री कृष्णा पाइल्स केयर सेंटर के डॉक्टर की राय

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आज के इस प्रतिस्पर्धी जीवन में मरीज ऐसे इलाज की अपेक्षा रखते है, जो दर्द रहित होने के साथ सुरक्षित भी हो और इलाज में कम से कम समय लगे। ऐसे में श्री कृष्णा पाइल्स केयर सेंटर आशा की किरण बनकर उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा रहा है। हल्द्वानी के तल्ली बमोरी, निकट श्यामा गार्डन स्थित श्री कृष्णा पाइल्स केयर सेंटर में बवासीर, फिसर और भगंदर जैसे मर्ज के इलाज के लिए अनुभवी और पूरी तरह से दक्ष चिकित्सक उपलब्ध है। यहां आधुनिक विधि यानी डिजिटल प्रोक्टोस्कोपी द्वारा इलाज किया जाता है। यदि मरीज ऑपरेशन नहीं करवाना चाहता है तो उसके लिए सेंटर पर इंजेक्शन द्वारा भी इलाज की सुविधा यहां उपलब्ध है।

बिना ऑपरेशन पाएं सफल इलाज

बवासीर या पाइल्स, भगंदर व फिशर ऐसी बिमारी है जिसमें एनस के अदंर और बाहरी हिस्से प्रभावित होते है। इसमें पीड़ित को दर्द होता है और खून भी आ सकता है। श्री कृष्णा पाईल्स केयर सैन्टर पर इन मर्जों का उपचार एक विशेष इंजेक्शन के माध्यम से बिना चीर-फाड़ के किया जाता है। मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जरूरी दवाइंया भी दी जाती है। कृष्णा केयर सेंटर में इस तकनीक का इस्तेमाल करके मरीजों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें खुशी देने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पूरी प्रतिबद्धता से जुटी हुई है। यहां चिकित्सकों की माने तो बवासीर की स्थिति में लापरवाही बिल्कुल न बरतें वरना गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।

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haldwani shree krishna piles Care

क्या कहते है डॉ. अमन

श्री कृष्णा पाईल्स केयर सैन्टर हल्द्वानी के चिकित्सक डॉ. अमन की माने तो बवासीर, भंगदर व फिशर में शुरूआती अवस्था में कोई खास लक्ष्ण दिखाई नहीं देते। मरीज को बस हल्की सी खारिश महसूस होती है। मर्ज बढ़ने पर मल त्याग के वक्त समस्या होती है। ध्यान व दिया जाए तो मरीज को तेज दर्द महसूस होता है और मल त्याग के साथ खून भी ज्यादा आता है, जिससे इंफेर्शन की आशंका बनी रहती है। इन रोगों के लक्ष्ण मिलते-जुलते हैं, इसलिए आशंका होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए और उचित इलाज करवाना चहिए। श्री कृष्णा केयर सेंटर अपने मरीजों का खास ख्याल रखता है। यह बेहद विश्वसनीय और मरीजों की उम्मीदों पर खरा है। मर्ज के मंपूर्ण और सरल समाधान के लिए यहां हर सुविधा मौजूद है।

इन लक्ष्णों में करायें जांच

– मलद्वार में जलन, खुजली या खून आना बवासीर के लक्ष्ण हो सकते है।
– यदि मलद्वार फूल कर बाहर आ गया है तो यह अंदरुनी बवासीर का लक्ष्ण हो सकता है।
– मलद्वार के पास फोड़ा या मवाद आ रहा हो तो यह भगंदर का संकेत है।
– मलद्वार पर किसी तरह का कट या चीरा उभर आए तो यह फिशर का संकेत हो सकता है।

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पाईल्स होने का कारण

– कब्ज
– बहुत ज्यादा देर तक खड़े रहना
– मोटापा
– बहुत देर तक बैठने वाला कार्य करने से
– यह समस्या आनुवांशिक भी हो सकती है
– अनियमित और अस्वस्थ खान-पान
– स्वच्छता का ध्यान न रखना

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