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हल्द्वानी-वन और वन्य जीवों के प्रति प्यार ने दिलाया सम्मान, 15 अगस्त को वन दारोगा जोशी होंगे सम्मानित

हल्द्वानी-(जीवन राज)- बचपन से वन्य जीवों के प्रति दयाभाव रखने वाले व्यवहार कुशल भगवती प्रसाद जोशी को रानीखेत रेंज में पहली नियुक्ति मिली। इसके बाद अपने साहसिक कार्यों से वन दारोगा भगवती प्रसाद जोशी ने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने वन्य जीव अपराध और वन तस्करी पर अंकुश लगाने पर बड़ी भूमिका निभाई। वन दारोगा जोशी वन विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के रिसोर्स पर्सन है। वह कई मामलों में पिथौरागढ़ वन प्रभाग, नैनीताल, रानीखेत, नरेन्द्र नगर आदि में सहयोग दे चुके हैं। अपने इन्हीं साहसिक और उल्लेखनीय कार्योँ के लिए उन्हें आगामी 15 अगस्त को सम्मानित किया जायेगा। यह पुरस्कार उन्हें पीसीसीएफ जयराज प्रदान करेंगे।

Bhagwati prasad Joshi

कई वन्य जीव अपराधियों को भेजा सलाखों के पीछे

वन दारोगा भगवती प्रसाद जोशी मूल रूप से सोमेश्वर तहसील के माला गांव निवासी है। वर्ष 2006 में वन विभाग में उनकी नियुक्ति हुई। इसके बाद वर्ष 2007 में उन्होंने अल्मोड़ा में फर्जी रमन्ने वन उपज की अवैध निकासी का भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा चीड़ की अवैध निकासी पर अंकुश लगाने पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। जोशी हाई कोर्ट समेत अधीनस्थ न्यायालयों में विभाग की ओर से पैरवी के साथ शपथपत्र तैयार करने का काम करते है। वर्ष 2018 में दारोगा जोशी का तबादला नैनीताल वन प्रभाग में कर दिया गया। यहां भी उन्होंने अपने साहसिक कार्यों को जारी रखा। उन्होंने अल्मोड़ा जिले के अलावा नैनीताल वन प्रभाग में भी वन अपराध रोकने, वन्य जीव अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में अहम भूमिका निभाई।

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एक अच्छे शिक्षक व कवि भी है जोशी

नियुक्ति वर्ष 2006 से पहले दारोगा भगवती प्रसाद ने एक अच्छे शिक्षक के रूप में कई छात्रों का भविष्य भी संवारा। उन्होंने कई स्कूलों में प्राइवेट शिक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं दी। इसके अलावा जोशी एक अच्छे कवि पर है। पहाड़ का दर्द, जनसमस्याएं, पलायन से लेकर रोजगार तक लोगों को राह दिखाने के लिए उनकी कलम खूब चलती है। उनकी रचनाएं कई पत्र-पत्रिकाओं पर प्रकाशित हुई है।

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