हल्द्वानी- डीपीएस के मोनोग्राम लगा बाजार में बेचे जा रहे नकली मास्क, ऐसे पहचाने नकली मास्क

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कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने देश में सभी लोगों को मुंह पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। ताकि लोग इस वायरस से सुरक्षित बने रहे। लेकिन कुछ लोगों द्वारा बाजार में नकली मास्क का कारोबार किया जा रहा है। लोग नकली मास्क बनाकर उन्हें अधिक मूल्य पर बेच रहे है। नकली मास्क बनाकर बेचने की ठीक ऐसी ही घटना हल्द्वानी के दिल्ली पब्लिक स्कूल के नाम पर भी कुछ लोगों द्वारा की जा रही है। हल्द्वानी में नकली मोनोग्राम बने मास्क से डीपीएस की छवि धूमिल करने की नाकाम कोशिश की जा रही है। जहां एक ओर देश विश्वव्यापी महामारी कोरोना से विश्व मानवता को बचाने में लगा है । अनेक स्वयं सेवी संस्थाएं बढ़ चढ़ कर जरूरत मंदों की सहायता कर रही हैं ।

dilli public school
fake mask of Delhi public school

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वहीं कुछ समाज विरोधी अराजक तत्व प्रतिष्ठित संस्थाओं को बदनाम करने का घटिया काम करने से बाज नहीं आ रहे हैं । इस बीच देश की प्रतिष्ठित तथा अग्रणी डीपीएस सोसायटी ने आगाह किया है कि नकली मोनोग्राम बने मास्क से डीपीएस की छवि खराब करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। अल्प समय में ही शहर में अच्छा स्थान बना चुके दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की प्रधानाचार्या रंजना शाही ने इस सम्बंध में एडवाईजरी जारी करते हुए कहा है कि हमारे संज्ञान में आया है कि डीपीएस मोनोग्राम के साथ नकली मास्क बाजार में बेचे जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह दुष्प्रचार न केवल डीपीएस हल्द्वानी के लिए हो रहा है यह दुष्प्रचार अराजक तत्वों द्वारा देश भर में स्थापित सभी ब्राँच के लिए किया जा रहा है । इन मास्क में ब्रांच का नाम भी नहीं लिखा है ।

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कृपया ध्यान रखें कि डीपीएस के मोनोग्राम के साथ कोई भी मुखौटा स्कूल की ओर से पेश नहीं किया जाता है और इसलिए आपको कड़ाई से सलाह दी जाती है कि इस तरह के व्यावसायिक जाल में न पड़ें। हमें अपने समस्त अभिभावकों से आग्रह करते हैं कि इस प्रकार की किसी भी अफवाहों या भ्रामक गतिविधियों में ध्यान न दें ।उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस प्रकार की घटिया मानसिकता से प्रेरित होकर इस आपात काल में भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं । वे तत्काल ऐसे दुष्प्रचार बन्द कर दें । अन्यथा दोषियों अथवा इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के प्रति आई टी एक्ट के तहत सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक प्रचार करने के आरोप में कानूनी रूप से शिकायत दर्ज की जाएगी । सोशल मीडिया के उन सभी आई पी एड्रेसों की जाँच पड़ताल की जा रही है । जिन से की भ्रामक प्रचार किया गया है।

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