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हल्द्वानी-डेंगू के मरीजों को निशुल्क बकरी का दूध बांट रहा ये शख्स, लोग दे रहे दुआएं

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हल्द्वानी- (जीवन राज)-डेंगू की बीमारी हल्द्वानी के हाल बेहाल है। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राईवेट अस्पाल तक फूल है। अभी तक डेंगू से मरने वालों की संख्या 8 पहुंच चुकी है। ऐसे में लोग इस बीमारी के इलाज के लिए जगह-जगह दौड़ रहे हैं। वही डेंगू में बकरी के दूध का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में इन दिनों हल्द्वानी में लोग बकरी के दूध के लिए इधर-उधर भटक रहे है। वही बकरी के दूध की मांग बढऩे से उसके दामों में इजाफा हुआ है। लोग 100 से 300 रुपये किलो तक बकरी का खरीद रहे है। शहर में एक शख्स ऐसा भी है जो निशुल्क बकरी का दूध डेंगू के मरीजों को बांट रहा है। आप भी उनसे निशुल्क बकरी का दूध ले सकते है।

iimt haldwani

Ad. Sharif Ahmad

इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं-शरीफ

मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं, इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं, यह लाइने इस शख्स पर सटीक बैठती है। जी हां हम बात कर रहे है नवाबी रोड पर मिल्क बार डेरी नाम से दुकान चलाने वाले एडवोकेट शरीफ अहमद की। जो हल्द्वानी शहर में डेंगू के मरीजों को निशुल्क बकरी का दूध बांट रहे है। पूरा शहर डेंगू की चपेट में है ऐसे में बकरी का निशुल्क दूध किसी की जान बचा सकता है। शरीफ अहमद लोगों के लिए एक फरिश्ते से कम नहीं है। न्यूज टूडे नेटवर्क से बातचीत में एडवोकेट शरीफ अहमद बताया कि वह बकरी का दूध बाजपुर से लाते है। इसके बाद हल्द्वानी में अपनी दुकान पर लाकर बांट देते है। करीब 15 दिन से वह बकरी का दूध निशुल्क बांट रहे है। उन्होंने कहा कि इंसान कोई धर्म को जाति नहीं होती। सबकुछ यही बनाया हुआ है। मेरे हाथों से किसी का अच्छा होता है तो मुझे बड़ा गर्व महसूस होता है।

Milk Bar Dairy

बाजपुर से लाते है दूध

शरीफ ने बताया कि शनिवार को एक डेंगू के मरीज का खून की जरूरत थी तो वह खून देकर आये। उन्होंने कहा कि वह सुबह 11.30 से 12 बजे तक बकरी का दूध बांटते है। जब तक डेंगू की महामारी हल्द्वानी शहर से खत्म नहीं हो जाती तब तक वह निशुल्क दूध वितरित करेंगे। शरीफ ने बताया कि उनके पहले उनके छोटे भाई को डेंगू हुआ जैसे ही वह डिस्चार्ज हुआ तो उनके बड़े भाई को डेंगू का हो गया। उन्होंने कहा कि जब खुद परिवार का व्यक्ति बीमार होता है तो परिजनों का क्या हाल होता है उनसे बेहतर कोई नहीं जानता। वर्ष 1987 से कालाढूंगी रोड पर उनका डेरी का काम है। वह बाजपुर से दूध एकत्र कर हल्द्वानी में बेचते है। उन्होंने कहा कि जिसे भी जरूरत हो वह दुकान से बकरी का दूध ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है।