PMS Group Venture haldwani

हल्द्वानी- कांग्रेस एमपी टिकट के लिए इन तीन नामों पर टिक गई पर्यवेक्षक दिनेश अग्रवाल की सुई, अब फैसला करेगा हाईकमान

209

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी संदर्भ में आज नैनीताल लोकसभा चुनाव के पर्यवेक्षक दिनेश अग्रवाल आज हल्द्वानी पहुंचे। इस दौरान स्वराज आश्रम में हुई बैठक में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को लेकर कार्यकर्ताओंं का मन जानना चाहा और इस विषय पर कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यहां सभी कार्यकर्ताओं की एकजुटता से वह प्रभावित हुए। सभी ने कहा कि नैनीताल लोकसभा सीट के लिए हाईकमान जो भी प्रत्याशी चयन करेगा वह उन्हें मंजूर होगा। सभी लोग उसका तन, मन और धन से साथ देंगे। नैनीताल सीट से तीन नामों को पैनल में भेजा जायेगा। आगामी 9 मार्च को दिल्ली में दावेदारों की सूची हाईकमान के सामने रखी जायेगी। जिसके बाद साफ हो पायेगा कि कौन प्रत्याशी कहा से चुनाव लड़ेगा।

Shree Guru Ratn Kendra haldwani

भाजपा सरकार ने सिर्फ जुमलेबाजी की- अग्रवाल

वही पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में पर्यवेक्षक दिनेश अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही। साढ़े चार साल के कार्यकाल में सिर्फ जुमलेबाजी करती रही। आज युवावर्ग रोजगार के लिए तरस रहा है। सरकार द्वारा की गई नोटबंदी ने लोगों की कमरतोड़ दी। रही बची कसर जीएसटी ने पूरी कर दी। हर तरफ से जनता को सिर्फ छला गया। विकास कार्यों में केन्द्र और राज्य दोनों सरकारें नाकाम साबित हुई। कांग्रेस कार्यकाल के दौरान शुरू हुए निर्माण कार्यों पर ब्रेक लगाया गया। जनता का दिल जीतने में सरकार हर तरह से विफल साबित हुई।

इन तीन नामों पर हुई चर्चा

नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट के तीन बड़े दावेदारों के नाम सामने आये। इस दौरान हुई बैठक में कार्यकर्ताओं से रायशुमारी में सबसे पहले नेताप्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का नाम सामने आया। कई कार्यकर्ताओं ने अपनी पहली पसंद इंदिरा हृदयेश को बताया। वही दूसरे नाम में पूर्व सीएम हरीश रावत को कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला। कई लोगों ने प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सीएम हरीश रावत को टिकट देने की बात कही। वही तीसरे प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सांसद महेन्द्रपाल के नाम पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा पर्यवेक्षक के सामने रखा। सूत्रों की माने तो इन तीनों में सबसे मजबूत दावेदार नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को माना जा रहा है। फिलहाल हाईकमान ही तय कर पायेगा कि किसे प्रत्याशी बनाना है किसे नहीं।