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हल्द्वानी- इस आदेश से बंद हुई एचएमटी की टिक-टिक, देर रात 143 परिवारों से छीनी रोजी रोटी

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- देर रात रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री में ताला लटक गया। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। वर्षों से चली आ रही इस कंपनी के दरवाजे अब कर्मचारियों के लिए बंद कर दिये गये। इससे यहां काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा। देर रात प्रबंधन ने नोटिस लगाकर एचएमटी कंपनी को बंद कर दिया। बता दें कि देश और दुनिया में प्रसिद्ध एचएमटी कंपनी की टिक-टिक अब खामोश हो गई। इससे पहले केंद्रीय आर्थिक मामलों की समिति ने 2007 में एचएमटी को बंद करने के फैसले पर मुहर लगा दी थी। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले कई सालों से यहां कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा था।

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कर्मचारियों को 39 माह से नहीं मिला वेतन

शुक्रवार देर रात एचएमटी कंपनी पर ताला जड़ दिया गया। यहां काम कर रहे 143 कर्मचारियों के भविष्य पर अंधेरा छा गया। कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर लगाया कि उनकी मनमानी के चलते कंपनी बंद हुई है। कर्मचारियों ने बताया उन्हें 1 जनवरी 2016 से वेतन नहीं दिया गया है जबकि हर महीने पेय स्लिप दी जाती है। उन्होंने बताया कि हमारे कई प्रयासों के बाद भी हमें 39 महीने का वेतन नहीं दिया गया। कंपनी के कर्मचारी भगवान सिंह ने बताया कि इस कंपनी में करीब 146 कर्मचारी कार्यरत थे तीन कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। पैसे के अभाव में उनका इलाज नहीं हो सका। वर्तमान में यहां 143 कर्मचारी काम कर रहे है।

डीआईजी को भेजा शिकायती पत्र

उन्होंने बताया कि कंपनी के मुद्दे के लेकर कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था जहां मामला विचाराधीन है। बेंगलुरू से भेज गये एक जनरल मैनेजर एमआरवी राजा के आदेश के बाद कल रात प्रबंधन से अंधरे में इस फैक्ट्री पर ताला जड़ दिया। कर्मचारियों ने डीआईजी को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि हर दिन बायोमैटिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जाती है लेकिन सैलरी के नाम पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। फिलहाल एचएमटी कंपनी के कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय है।