हल्द्वानी- ऐसे हुआ बड़ा खुलासा, हल्द्वानी के इस अफसर को हटाने के लिए पीएम मोदी ने किया था फोन

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Haldwani News- एक बार फिर आईएफएस संजीव चतुर्वेदी चर्चाओं में है। दिल्ली एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी रहते हुए करीब 200 से अधिक भ्रष्टाचार के मामले उजागर कर दिये। अपनी कार्यशैली से उन्होंने सरकार की नाक में दम कर दिया। जिसके बाद सरकार से लेकर नौकरशाहों की आंखों में वह खटकने लगे। एक बार फिर संजीव चतुर्वेदी चर्चाओं में है। आईटीआई के तहत मिले दस्तावेज कह रहे है कि संजीव चतुर्वेदी को हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से टेलीफोन पर वार्त की।


एक टीवी चैनल ने यह खबर अपने वहा चलाई। जिसके बाद हडक़ंप मच गया। तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव लव वर्मा ने एक पत्र पीएम मोदी के सचिव पीके मिश्रा का साल 23 अगस्त 2014 में लिखा है। जिसमें लिखा गया है कि संजीव चतुर्वेदी को कार्यमुक्त करने लिए पीएम की स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर बात हुई है। जिसके बाद ये हुआ कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने उस समय आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को जबरन छुट्टी पर भेज दिया था।

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वर्तमान में आईएफएस संजीव चतुर्वेदी हल्द्वानी के वन अनुसंधान केन्द्र में तैनात है। उनकी ईमानदारी न तो सरकार को पसंद है न ही नौकरशाहों को। इसी का नतीजा है कि वह एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसफर और 19 मुकदमे झेल चुके है। एम्स मे सीवीओ पद पर रहे चतुर्वेदी विवादों में रहे। जिसके बाद उन्होंने अदालत जाकर ये कहा कि उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली एम्स में कई भ्रष्टाचार के मामले खोलने के बाद उन्हें एम्स के सीवीओ पद से हटा दिया गयाथा जिसके बाद बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया।

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