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हल्द्वानी-अजय भट्ट चक्रव्यू बनाने में हैं माहिर, अब तक ऐसे जिताते आए हैं भाजपा को, बनाएं कई रिकॉर्ड

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क-लोकसभा चुनाव के लिए सियासी संग्राम शुरू हो गया है। एक तरफ कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है तो वही दूसरी तरफ भाजपा ने अपने पांचों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिये। पूर्व सीएम हरीश रावत के समर्थक लगातार यह कह रहे है कि अगर भगत सिंह कोश्यारी चुनाव लड़ेंगे तो हरीश रावत चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे । अगर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट नैनीताल सीट से उम्मीदवार होगे तो फिर हरीश रावत नैनीताल सीट से चुनाव लड़ेंगे। यानी वह अजय भट्ट को मजबूत प्रत्त्याशी नहीं मानते हैं। इस बार प्रदेश की सबसे हॉट सीट नैनीताल को माना जा रहा है। भाजपा ने प्रदेशध्यक्ष अजय भट्ट को टिकट दिया है। टिकट मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी अजय भट्ट को हल्के में लेने की कोशिश कर रही है। यहीं कांग्रेस के लिए घातक साबित हो सकता है। अजय भट्ट भाजपा में एक काबिल राजनीतिक खिलाड़ी है। जिन्हें हर सीट का अनुभव है, जो हर सीट से मतदाताओं की नस-नस से वाकिफ है नैनीताल की सभी 14 विधानसभा में उनकी अपनी टीम है। ऐसे में कांग्रेस को यह सौदा महंगा पड़ सकता है।

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57 सीटें डाली थी भाजपा की झोली में

भाजपा प्रदेशध्यक्ष होने के साथ-साथ अजय भट्ट के ऊपर कई जिम्मेदारी हैं। जिसे भट्ट ने बखूबी निभाया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों में अजय भट्ट के नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश में 57 सीटें अपनी झोली में डाली थी। अजय भट्ट प्रदेश के सभी सीटों पर चुनाव प्रचार में प्रत्याशी के साथ खड़े थे। इसी कारण वह अपने क्षेत्र में सक्रिय नहीं हो पाये। प्रदेश की सबसे हॉट सीट मानी जा रही नैनीताल लोकसभा सीट पर अब भाजपा ने अजय भट्ट को मैदान पर उतारा है। जिसमें भाजपा जीत हासिल कर सकती है। फिलहाल अभी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। वही भट्ट पूरे विधानसभा सीटों में किये गये भ्रमण का फायदा मिल सकता है।

हारी बाजी को पलटने में माहिर भट्ट

भाजपा प्रदेशध्यक्ष अजय भट्ट हारी बाजी को पलटने में माहिर है। कई सीटों में अजय भट्ट ने अपने दम पर प्रत्याशियों को जीत दिला दी। प्रदेशध्यक्ष होने के नाते पूरे प्रदेश भर के लोग भट्ट के व्यवहार से अवगत है। जिसे तरह से भट्ट ने जनता के बीच अपने आप को प्रस्तुत किया है। यही वह पाइंट है जिससे जनता उनकी ओर खींची चली आती है। अपने भाषणों से वह जनता पर एक अनोखा प्रभाव छोडऩे है। जिससे कई सीटों पर हारने वाला प्रत्याशी भी जीत हासिल कर लेता है।