हल्द्वानी- DM बंसल की तिरछी नजर, कहा सड़क हादसे में हुई बेगुनाहों की मौत तो इन अफसरों की खैर नहीं

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्माण व विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कछुआ गति से किए जा रहे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। बैठक में उन्होंने तीनपानी से मण्डी सड़क में हुए बेशुमार गड्डों और इन गड्डो के कारण हो रही दुर्घटनाओं व मौतों के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए तीनपानी से मण्डी तक गड्डों को भरने का जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिये।

Haldwani DM Saveen Bansal Meeting

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जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोनिवि हिम्मत सिंह रावत को निर्देश दिए कि वे क्षतिग्रस्त सड़क का सर्वे कर एक सप्ताह के भीतर कार्य का स्टीमेट तैयार कर एनएचएआई को उपलब्ध कराए। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि लोनिवि के अधिकारियों से स्टीमेट प्राप्त होते ही गड्डो के स्थायी मरम्मत के लिए धनराशि तत्काल धनराशि अवमुक्त करें। डीएम ने कहा कि भविष्य में यदि कोई दुर्घटना या कोई मृत्यु होती है तो एनएचएआई के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। लिहाजा लोनिवि, एनएचएआई इस कार्य को जनहित में प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना करें।

202 भू-स्वामियों को नहीं किया भुगतान

बता दें कि तीनपानी से नरीमन चैराहे तक एनएच-87 पर एनएचएआई की एनओसी के बिना भवनों के मानचित्र जिला विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग समयबद्ध तरीके से जमीन की नापजोख कर डाटा एनएचएआई को उपलब्ध करायें जाने को कहा ताकि मानचित्र स्वीकृति के लिए एनओसी जारी कर सके। एनएचएआई के कार्यों की समीक्षा करते हुए यह तथ्य सामने आया कि नगला से नरीमन प्वाईंट तक 22 किमी सड़क का निर्माण एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। इस योजना में 33 हैक्टेयर क्षेत्रफल अधिकृत किया गया है जिसमें से 14 हैक्टेयर प्राईवेट क्षेत्रफल शामिल है।

Haldwani DM Saveen Bansal Meeting

202 भू-स्वामियों को एनएचएआई द्वारा भूमि के बदले भुगतान नहीं किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि बहुत से भू-स्वामियों को मुआवजा राशि दे दी गई है लेकिन उन्होंने अभी तक जमीन एनएचएआई को हस्तगत नहीं करायी है जिसके कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उप जिलाधिकारी तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी की कमेटी बनाते हुए उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वे तत्काल सर्वे कर भूमि एनएचएआई को उपलब्ध कराने की कार्यवाही अमल में लाये।

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