नई दिल्ली- चुनाव से पहले सरकार ने खेला बड़ा दांव, दे सकते हैं गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत का आरक्षण

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि सरकार मंगलवार को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा। जानकारी मुताबिक सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है। आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा जिन्हें अभी आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार आरक्षण का लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रूपये से कम होगी और पांच एकड़ तक जमीन होगी। सूत्रों ने बताया कि फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा। इस दौरान हालांकि विपक्षी दलों ने फिलहाल इस फैसले पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुये कहा कि मंत्रिमंडल के फैसले का अध्ययन करने के बाद ही वह कुछ कह पायेंगे।

दिखावा करने का लगाया आरोप


विपक्षी दल कांग्रेस ने आर्थिक रूप से कमजोर, सामान्य वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने के सरकार के फैसले को कांग्रेस ने चुनावी जुमलेबाजी करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि आम चुनाव से पहले सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है। पार्टी प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि क्या आपने इस बारे में चार साल और आठ महीने तक सोचा? निश्चित तौर पर आचार संहिता लागू होने से तीन महीने पहले इस चुनावी जुमलेबाजी के बारे में सोचा गया। कहा कि आप जानते हैं कि आप कोटा की सीमा को 50 फीसदी से ज्यादा नहीं कर सकते. इसलिए आप यह दिखाना चाहते हैं कि आपने प्रयास किया, लेकिन नहीं हो पाया।