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Good News: डॉक्टर, अस्पताल के स्टाफ पर हमला किया तो हो सकती है सात साल तक की सजा

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न्यूज टुडे नेटवर्क टीम।
केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है। सरकार इसे लेकर अध्यादेश लाई है। अध्यादेश में हिंसा के दोषी के लिए छह महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में यह अध्यादेश लाने पर सहमति बनी। अब स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने पर जेल जाने के साथ ही मोटा जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस महामारी से देश को बचाने की कोशिश कर रहे स्वास्थ्यकर्मी दुर्भाग्य से हमलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ हिंसा या इस तरह की कोई घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक अध्यादेश लाया गया है, इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

गैर जमानती अपराध की श्रेणी में शामिल होगा ऐसा हमला
जावड़ेकर ने कहा कि महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन कर अध्यादेश लागू किया जाएगा। ऐसा अपराध अब संज्ञेय और गैर-जमानती होगा। 30 दिनों के अंदर जांच की जाएगी। आरोपी को तीन महीने से पांच साल तक की सजा हो सकती है और दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सजा के साथ पांच लाख तक जुर्माना भी देना पड़ सकता है
उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों के मामले में आरोपी को छह महीने से सात साल तक की सजा हो सकती है। साथ में दोषी पर एक लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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