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पूर्व रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडिस का निधन, जानिए किस देश दोबारा लेना चाहते थे जन्म, कुछ ऐसा था उनकी जिंदगी का सफरनामा

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : जार्ज फर्नांडिस का 29 जनवरी मंगलवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह अल्जाइमर्स (भूलने की बीमारी) से पीडि़त थे। कुछ दिन पहले उन्हें स्वाइन फ्लू भी हो गया था अंतिम संस्कार कल किया जाएगा। फर्नांडिस की मौत से हर तरफ शोक का माहौल है। राजनीति जगत के लोगों ने इसे गहरी क्षति बताई है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण फर्नांडिस के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को देखने पहुंचीं।

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8 बार जीते लोस चुनाव

जॉर्ज फर्नांडिस ने 1967 के आम चुनाव में जीत हासिल की थी। खास बात तो यह है कि जॉर्ज फर्नांडीस ने एक नहीं बल्कि 8 बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की। जार्ज 1989 में रेल मंत्री के रूप में चुने गए। जॉर्ज 2004 तक राजनीति में काफी सक्रिय थे मगर बाद में बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य ने इस पर ब्रेक लगा दिया। पिछले पांच वर्षों से वो अस्पताल के बिस्तर पर पड़े थे। इस दौरान न उनकी खबर आती थी और न कोई बड़ा नेता उनसे मिलने आता था। आखिरी दिनों में वो अकेले पड़ गए थे। फर्नांडिस ने एनडीए के शासन काल में 1998 से 2004 तक रक्षा मंत्री का पद संभाला था। इस दौरान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में जॉर्ज फर्नांडिस ने भारतीय सेना के लिए एक नहीं कई अहम और बड़े फैसले लिए थे।

पिछले कुछ दिनों से स्वाइन फ्लू से थे पीडि़त

जॉर्ज फर्नांडिस अल्जाइमर के अलावा पिछले दिनों से स्वाइन फ्लू से भी पीडि़त थे। इसके कारण पहले से खराब चल रही उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसे संभालना डॉक्टरों के लिए काफी मुश्किल हो गया था। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकारी में रक्षा मंत्री रहे फर्नांडिस पिछले कई वर्षों से बीमारी के चलते सक्रिय राजनीति से दूर थे।

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दोबारा वियतनाम में जन्म लेना चाहते थे जॉर्ज

भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस ने एक बार कहा था कि ‘अगर पूर्नजन्म जैसी कोई चीज है तो मैं दोबारा वियतनाम में जन्म लेना चाहूंगा।’ बेंगलुरु में करीब 15 वर्ष पहले ‘कर्नाटक प्लांटर्स एसोसिएशन’ के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए फर्नांडिस ने वियतनाम के लोगों को अनुशासित, प्रतिबद्ध और दृढ़ संकल्पी बताया था। उन्होंने कहा था कि वियतनाम का दुनयिा के कॉफी बाजार में बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा था, ‘मुझे इससे कोई ईष्र्या नहीं है। मैं वियतनाम का प्रशंसक हूं और तेज प्रगति के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देश और उसके लोगों की प्रशंसा करता हूं’ फर्नांडिस ने कहा था, ‘अगर पुनर्जन्म जैसी कोई चीज है, तो मैं वियतनाम में जन्म लेना चाहूंगा। वे अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए जान न्योछावर करने को तत्पर रहते हैं।’ वियतनाम का दौरा करने वाले फर्नांडिस पहले रक्षा मंत्री थे। उनका जन्म मंगलुरु में हुआ था।

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प्रधानमंत्री ने जॉर्ज फर्नांडिस को किया याद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्पष्टवादी तथा निडर थे जो हमेशा अपनी विचारधारा पर अडिग रहे। प्रधामंत्री ने कहा, एक दूरदर्शी रेल मंत्री और एक महान रक्षा मंत्री जिसने भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाया। अपने कई वर्षों के सार्वजनिक जीवन में वह अपनी विचारधारा पर अडिग रहे। उन्होंने ने आपातकाल का जोरदार विरोध किय था। उनकी सादगी और विनम्रता उल्लेखनीय थी।

कल होगा जॉर्ज का अंतिम संस्कार

दिल्ली स्थित जार्ज फर्नांडिस के आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यहां पर समता पार्टी की पूर्व अध्यक्षा जया जेटली मौजूद हैं। उन्होंने एएन आई से कहा, ‘जॉर्ज फर्नांडिस का अंतिम संस्कार उनके बेटे के आने के बाद, कुल (बुधवार) किया जाएगा।’