ENCOUNTER IN BAREILLY: सिपाही के हत्यारोपी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत

एनकाउंटर में हुई सिपाही के हत्यारे की मौत: सिपाही का हत्यारोपी करन उर्फ छोटू कैंट पुलिस के हाथों एनकाउंटर में मारा गया। करीब 7 साल पहले उसने एक पुलिस ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा उस पर जिले भर के थानों में करीब 14 से ज्यादा हत्या, जानलेवा हमला, लूट, डकैती के मुकदमे दर्ज थे। पुलिस एनकाउंटर (Encounter) के बाद गांव में गंभीर हालात को देखते हुए वहां पुलिस व पीएसी की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
SIPAHI KE HATYARE KI ENCOUNTER ME HUI MAUT
कैंट क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर करन उर्फ छोटू बभिया का निवासी था। जिस पर लूटमार, हत्या, जानलेवा हमले आदि के दर्जनों मुकदमे थानों में दर्ज थे। कैंट एसएसपी (SSP) ने जानकारी दी कि शनिवार शाम करीब छ: बजे कैंट पुलिस को सूचना मिली कि करन बभिया के मोहनपुर गांव में 3 लोगों के साथ है। बिना कुछ देरी किए कैंट पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। आरोपी ने बचकर निकलने के लिए पुलिस पर फायर किया, जवाब में पुलिस ने फायर किया। पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में जा लगी। जिससे उसके पैर से काफी खून (Blood) बह गया। इसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए मिशन अस्पताल (Mission Hospital) में भर्ती करा दिया। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जानेकारी दी कि काफी खून बहने के कारण उसका ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) काफी कम हो गया था जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

करीब 7 साल पहले कैंट इंस्पेक्टर (Inspector) अख्तर सज्जाद की अगुवाई में पुलिस टीम करन उर्फ छोटू को पकड़ने बभिया गई थी। उसी दौरान करन उर्फ छोटू ने इंस्पेक्टर के ड्राइवर अनिरुद्ध यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब से कैंट पुलिस उसकी तलाश में थी। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। करन ने सपा सरकार में सरेंडर भी किया था। परंतु सपा सरकार में उसकी अच्छी पहचान होने के कारण पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकी थी।

पुलिस मुठभेड़ में करन की मौत के बाद से उसके परिवार वाले काफी आक्रोशित हैं। गांव में गंभीर हालात होने के कारण पुलिस व पीएसी की टीमें वहां तैनात कर दी गई हैं। वहीं उसके परिवार वालों ने पुलिस पर हत्या का आरोप भी लगाया है।

घायल होने की वजह से हुई मौत
एसएसपी शैलेश कुमार पांडे ने बताया बभिया के हिस्ट्रीशीटर करन उर्फ छोटू पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया था। अस्‍पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छोटू पर सिपाही की हत्या समेत दर्जन भर मुकदमे दर्ज है। उस पर नवंबर में 15 हजार का नाम भी घोषित किया गया था। करन जानलेवा हमले के मामले में वांटेड था।

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