हल्द्वानी- डीएम ने इन अधिकारियों का रोका वेतन, जाने क्या रही कार्यवाई की बड़ी वजह

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में जनपद में चल रहे विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्परता से जनहित में किए गए कार्यों के आधार पर ही अधिकारियों को वार्षिक प्रवृष्टि प्रदान करने की अनुशंसा एवं संस्तुति प्रदान की जायेगी। उन्होंने समस्त विभागों के अधिकारियों को 1 अप्रैल 2018 को मदवार उपलब्ध धनराशि, तथा 1 अप्रैल 2018 से 28 फरवरी 2019 तक मदवार आंटित धनराशि के सापेक्ष 10 मार्च 2019 तक प्रत्येक मद में खर्च की गई धनराशि, उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष खर्च करने के प्रतिशत सहित शेष धनराशि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

वेतन रोकने के दिए निर्देश

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला योजना व राज्य सैक्टर एवं केन्द्र पोशित सैक्टर में लक्ष्य प्राप्त करने में पिछड़ने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ताओं, राजकीय सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता, पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समाज कल्याण विभाग के जिला समाज कल्याण अधिकारी, जल निगम के अधिशासी  अभियन्ता, शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक), उद्यान विभाग की जिला उद्यान अधिकारी, निजि लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता का वैतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को जनहित में उपलब्ध धनराशि का शतप्रतिशत उपयोग करते हुए धनराशि व्यय करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ गी वर्ष 2019-20 की जिला योजना के प्रस्ताव भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पहले आओ पहले पाओ से करेंगे लाभाविंत

डीएम सुमन ने अधिशासी अभियन्ता निजि लघु सिचाई के खिलाफ बिल भुगतान से सम्बन्धित प्राप्त शिकायत की जॉच करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए है। उन्होंने निजि लघु सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक मात्र 35 प्रतिशत धनराशि का ही उपयोग करने को गंभीरता से लेते हुए कार्यों में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार निलम्बन की कार्यवाही भी अमल में लाने के निर्देश दिए। सुमन ने गौरा-नन्दा योजना में आवेदन प्राप्त न होने के कारण 65 लाख रूपये की धनराशि शेष होने की स्थिति में पात्र बालिकों एवं उनके अभिभावकों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए क्षेत्रीय बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में फार्म भरकर जमा कराने की अपील की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर बालिकाओं को योजना से लाभाविंत करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि माह फरवरी के अन्त तक जिला योजना के अन्तर्गत शासन से अवमुक्त 38.61 करोड़ रूपये की धनराशि के सापेक्ष 35.1 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है जोकि अवमुक्त धनराशि का 90.1 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत शासन से अवमुक्त 267.9 करोड़ रूपये की धनराशि के सापेक्ष 228.9 करोड़ रूपये की धनराशि व्यय हो चुकी है जोकि अवमुक्त धनराशि का 85.5 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि केन्द्र पोशित सैक्टर के अन्तर्गत शासन से अवमुक्त 186.6 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष 152 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है जोकि अवमुक्त धनराशि का 82 प्रतिशत है।