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देहरादून- जाने आखिर क्यों 108 कर्मचारियों ने सीएम को खून से लिखा पत्र, ऐसे खुशियों की सवारी बनी बेरोजगारी की वजह

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: आपातकालीन सेवा 108 की सर्विस से निकाले गए कर्मचारियों का धरना राजधानी के परेड ग्राउंड में छठे दिन भी जारी है। इतना ही नहीं 108 कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर सीएम को खून से खत भी लिख डाला है। वही मांग पूरी न होने पर उन्होंने अंदोलन जारी रखने की बात भी कही है। बता दें कि रविवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारी कर्मचारियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं उपलब्ध करा रही है। वहीं, कर्मचारियों को सड़क पर छोड़ दिया है। उनके परिवारों पर आर्थिक संकट आ बना है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेशभर में कर्मचारियों के लिए आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य सचिव एवं महानिदेशक स्वास्थ्य के नाम खून से खत लिखा है।

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खुशियों की सवारी बनी बेरोजगारी की वजह

108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव विपिन जमलोकी ने कहा कि पत्र रजिस्टर डाक से सभी को भेजे जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि वह 11 सालों से प्रदेश की सेवा कर रहे थे। उन्हें अचानक बेरोजगार कर भीख मांगने पर मजबूर कर दिया गया। कहा कि वह अपना हक पाए बिना चुप नहीं बैठने वाले।

600 फार्मसिस्टों की स्थाई नियुक्ति की मांग

प्रशिक्षित बेरोजगार डिम्लोमा फार्मसिस्ट (एलोपैथिक) महासंघ ने 600 एलोपैथिक फार्मसिस्ट के पदों पर नियमित नियुक्ति की मांग की है। मानवाधिकार और सामाजिक न्याय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन जैन, प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन व कानूनी सलाहकार राजकुमार तिवारी ने महासंघ की मांग का समर्थन उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।