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देहरादून-छुट्टी पर घर आकर ऐसी वारदातों को अंजाम देता था सीआरपीएफ का जवान, ऐसे खुलासे में पकड़ा गया पूरा गैंग

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देहरादून-सेना का नाम सुनते ही पूरा देश अपने का फक्र महसूस करता है लेकिन एक जवान ने खुद अपने परिजनों को मुंह दिखाने लायक नहीं छेाड़ा। सेना से छुट्टी पर घर आने के बाद सीआरपीएफ का जवान चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पिछले दिनों उसने मिलकर देहरादून में चार और हरिद्वार में पांच बंद घरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।

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राजधानी में लगातार बढ़ रही चोरी से पुलिस के नाक में दम कर दिया। देहरादून से लेकर हरिद्वार तक की पुलिस चोरों से परेशान हो गई। पूरी प्लालिंग के तहत जाल बिछाया गया। इसके बाद जो खुलासा हुआ उसमें पुलिस के भी होश उड़ गये। चोर एक नहीं पूरा गैंग था। जिसमें से दो चोरों को पुलिस ने पकड़ लिया। दो शातिर चोर में एक सीआरपीएफ का जवान भी शामिल है जो अभी अनंतनाग में तैनात है।

CRPF Jawan Sunil Kumar

50 हजार की नकदी और एक लाख के गहने बरामद

इस दौरान दो चोरों के पास से पुलिस को पचास हजार रुपये नकद और चोरी के एक लाख रुपये से अधिक मूल्य के गहने बरामद हुए हैं। हालांकि गिरोह के और साथी अभी फरार चल रहे है। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। हरिद्वार में लगतार पांच घरों में हुई चोरियों के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को एक बाइक का नंबर मिल गया। पुलिस ने इस बाइक के शहर से निकलने के रूट का पता लगाया तो बाइक आशारोड़ी चेकपोस्ट होते हुए सहारनपुर की ओर जाती दिखाई दी। सीसीटीवी फुटेज में गिरोह की पहचान हो गई। इस गिरोह में तीन लोग शामिल है दो की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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सहारनपुर में हुई थी तीनों की मुलाकात

जिसमें सुनील कुमार पुत्र राम सिंह निवासी मकान नंबर 583, सेक्टर-16, फरीदाबाद, हरियाणा व मो.अखलाक सैफी पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी तारापुरी, लिसाड़ी गेट रोड, मेरठ के रूप में हुई है। संदीप स्वामी उर्फ संजू पंडित निवासी दुकान नील गली मार्केट, सराफ बाजार, घंटाघर थाना, दिल्ली गेट, मेरठ अभी फरार है। संदीप पेशे से सराफा कारोबारी है और चोरी के गहने यही खरीदता था। पुलिस ने बताया कि तीनों की मुलाकात सहारनपुर में प्रापर्टी डीलर के यहां हुई थी। तीनों ऊंचे ख्वाब देखने वाले थे। सुनील को सीआरपीएफ से मिल रही तनख्वाह कम पडऱही थी तो अखलाक के पास कोई काम-धंधा नहीं था। इस पर दोनों ने चोरी करने का निर्णय लिया।

अनंतनाग में तैनात है आरोपी जवान

आरोपी सीआरपीएफ का जवान सुनील कुमार अनंतनाग से बीते पांच जून को छुट्टी पर आया था। उसे 29 जून को ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन इससे पहले वह पकड़ा गया। सुनील की गिरफ्तारी की सूचना पर पहुंचे परिवार वालों को यकीन ही नहीं हो रहा। सुनील और अखलाक जब भी कहीं चोरी की वारदात को अंजाम देते वह सीधे मेरठ में संदीप स्वामी के पास आ जाते। वह दोनों को आभूषणों की कीमत देकर उन्हें गला देता था।