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देहरादून- सरकार के इस कदम से ऐसे मिलेगी देवभूमी को नई पहचान, स्थापित होंगे 670 न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त बनाने के साथ ही युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से 670 न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अपने आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान, हनीबी नेटवर्क, सृष्टि और भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद व मुंबई के विजिटिंग प्रोफेसर पद्मश्री प्रो.अनिल गुप्ता से मुलाकात के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर प्रो. गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से संबंधित शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, कृषि, लघु उद्यम आदि क्षेत्रों में नवप्रवर्तकों की तलाश पर बल दिया।

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ताकि हमारे उत्पाद बने हमारी पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रो.गुप्ता द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नव प्रर्वतन की दिशा किए जा रहे प्रयास समाज को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनके अनुभवों का लाभ उत्तराखंड को भी मिले इस संबंध में उनके सुझावों पर अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रोथ सेंटरों की स्थापना से नवप्रवर्तन की राह प्रशस्त होगी। इसमें राज्य के 32 विश्वविद्यालयों से ‘मेरा सामाजिक दायित्व के तहत विकास में सहभागी बनने को कहा गया है। इनसे प्रत्येक ब्लाक के एक गांव को गोद लेकर वहां की समस्याएं चिह्नित कर सुझाव देने की अपेक्षा की गई है। पेट्रोलियम विवि ने वन्यजीवों से खेती को हो रहे नुकसान की दिशा में पहल करने की बात की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर विकास की दिशा में भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। हमारे उत्पाद हमारी पहचान बनें, इस दिशा में भी पहल की जा रही है।

पद्मश्री प्रो.गुप्ता ने कहा कि नवप्रवर्तकों के प्रयोग समाज को नई दिशा देने के साथ ही प्रतिभाओं को आगे लाने में भी मददगार हो सकेंगे। उन्होंने पारंपरिक खाद्यान्न को बढ़ावा देने, शिक्षक-छात्र तकनीकी दक्षता वाले युवाओं के आविष्कारों को मान्यता देने, स्थानीय उत्पादों के बेहतर प्रोसेसिंग व उत्पादन बढ़ाने के लिए युवा उद्यमियों को आगे लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नही है। ये विकास में सहयोगी बने, इसके प्रयास होने चाहिए।