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देहरादून- अब साउथ के इन मंदिरों में बिकेगा देवभूमि की महिलाओं के हाथों से बना प्रसाद, सरकार ऐसे कर रही मद्द

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: उत्तराखंड के चारों धाम में प्रसाद उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों से बनाया जाता है। यह प्रसाद महिला समूह बनाती हैं। साल 2018 में चारधाम यात्रा में अकेले केदारनाथ में 1.25 करोड़ रुपये के प्रसाद की बिक्री हुई थी। इसके अलावा, बदरीनाथ में 27.50 लाख रुपये, यमुनोत्री में 4.30 लाख रुपये, गंगोत्री में 3.3 लाख रुपये, मनसा देवी में 1.5 लाख रुपये के प्रसाद की बिक्री हुई थी। इस प्रयोग की सफलता के बाद अब उत्तराखण्ड की महिलाएं महाराष्ट्र और केरल के मंदिरों के लिए भी प्रसाद बनाएंगी। इनकी ब्रैंडिंग से लेकर मॉर्किंटिंग में भारत सरकार मदद कर सकती है।

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रोजगार बढ़ाने के लिए उठाया ये कदम

पिछले साल प्रसाद ब्रिकी के रिकॉर्ड को देखते हुए भारत सरकार ने उत्तराखण्ड में प्रसाद बनाने के बिजनेस से जुड़ी महिलाओं को रोज़गार बढ़ाने, प्रोडक्ट ब्रैंडिंग और मॉर्केटिंग करने में मदद करने का फ़ैसला किया है। इसी के तहत भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी में सचिव रेनु स्वरूप ने सोमवार को हेस्को में नेशनल प्रोग्राम फॉर श्राइन ऑफ़रिंग के तहत प्रसाद लांच किया। जानकारी मुताबिक प्रसाद को डिजिटली भी जोड़ा गया है।

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उत्तराखण्ड में प्रसाद के काम से जुड़े लोगों को फ़ायदा पहुंचाने की सम्भवनाओं को समझाष। जिसकी मॉर्केंटिंग का काम भारत सरकार करेगी। नेशनल प्रोग्राम फॉर श्राइन ऑफ़रिंग के तहत हुई प्रसाद लांचिंग के बाद महिलाएं काफी उत्साहित हैं। हेस्को के संस्थापक अनिस जोशी ने कहाकि दूसरे फेज़ में महिलाएं उत्तराखण्ड के प्रोडक्ट से महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए भी प्रसाद बनाएंगीं।