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देहरादून- अब दूरदर्शन पर दिखेगी उत्तराखंड की झलक, ऐसे मिलेगा गढ़वाली-कुमाऊंनी भाषा को नया प्लेटफार्म

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देहरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क-देवभूमि उत्तराखंड लगातार प्रगति की ओर है। यहां एक से बढक़र एक प्रतिभाएं लाये दिन हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। एक बार फिर देवभूमि के लिए खुशखबरी है। शीघ्र ही दूरदर्शन उत्तराखंड में भी रीजनल लैंगुएज सैटेलाइट सर्विस चैनल शुरू करने जा रहा है। जिसमें कुमाऊंनी-गढ़वाली व अन्य स्थानीय बोलियों के कार्यक्रम दिखाये जायेंगे। जिससे उत्तराखंड की क्षेत्रिय बोलिया को एक नया प्लेटफार्म मिलेगा। इन चैनल का प्रसारण 24 घंटों होगा। बताया जा रहा है कि चार महीने के भीतर चैनल का प्रसारण शुरू हो जाएगा। इस चैनल का नाम डीडी उत्तराखंड होगा। यह जानकारी सीएम त्रिवेन्द्र ने ट्वीट के माध्यम से की और प्रधानमंत्री का आभार जताया।

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11 राज्यों के क्षेत्रीय भाषा के चैनल होंगे लांच

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड को दूरदर्शन चैनल की सुविधा दिए जाने पर आपका आभार प्रधानमंत्री जी। निश्चित रूप से डीडी उत्तराखंड हमारे राज्य की संस्कृतिए सभ्यता को प्रचारित करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को मजबूती देगा। बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड समेत 11 राज्यों में क्षेत्रीय क्षेत्रीय चैनल लांच करने का निर्णय लिया है। इसमें उत्तराखंड के अलावा छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा आदि हैं। इस मिक्सड चैनल में कृषि, मनोरंजन, संगीत, समाचार व अन्य कार्यक्रम प्रसारित होंगे। सभी कार्यक्रम गढ़वाली, कुमाऊंनी व अन्य स्थानीय बोलियों में होंगे। शुरू होने वाले नए 11 चैनलों का बजट भी पास हो चुका है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से बलूनी ने की थी मांग

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने उत्तराखंड को 24 घंटे का पृथक दूरदर्शन चैनल दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया है। सांसद बलूनी ने कहा उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से गत अगस्त माह में उत्तराखंड के लिए दूरदर्शन चैनल की मांग की थी, क्योंकि उत्तराखंड में दूरदर्शन चैनल की अवस्थापना से जुड़े भवन इत्यादि का ढांचा पहले से तैयार हो चुका है, किंतु अभी भी रिकॉर्डिंग आदि का महत्वपूर्ण कार्य लखनऊ से ही संचालित हो रहा था। समाचार आदि के प्रसारण व तकनीकी कार्य भी लखनऊ केंद्र पर निर्भर थे। उत्तराखंड का पृथक 24 घंटे का चैनल होने से राज्य के समाचारों, राज्य की संस्कृति और सरोकारों का प्रसारण होगा। आम जनता को अन्य राज्यों की तरह अपने प्रांत का दूरदर्शन चैनल प्राप्त होगा जिससे राज्य के स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति से जुड़े विषयों और विशेषज्ञों को मंच मिलेगा।