देहरादून- शराब कारोबारियों को नहीं देना होगा दो माह का अधिभार, पढ़े कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आवास पर उनके अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। इसमें कई जरुरी फैसले लिए गए, साथ ही बताया गया कि 15वें वित्त आयोग के द्वारा 852 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। निकायों के बजट में से 3.54 प्रतिशत बजट छावनी निकायों को मिलेगा। बैठक में फैसला लिया गया कि त्रिस्तरीय पंचायतों में भी ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को 15 वित्त आयोग का बजट आवंटित होगा। इसमें ग्राम प्रधानों को 75 फीसद, क्षेत्र पंचायतों को 10 फीसद और जिला पंचायतों को 15 फीसद का बजट दिया जाएगा।

शराब करोबारियों का अधिभार होगा माफ

बैठक में उत्तराखंड चकबन्दी एक्ट की नियमवली की संस्तुति को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिसको उत्तराखंड जोत चकबंदी एवं भूमि व्यवस्था नियमावली 2020 नाम दिया गया। इसके अलावा पेयजल निगम में निदेशक की नियुक्ति की अहर्ता में भी बदलाव किया गया। वही लॉक डाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद रहने के कारण मार्च महीने में 34

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Uttarakhand cabinet meeting 2020 may

करोड़ रुपये और अप्रैल माह का 195 करोड़ सरकारी अधिभार को माफ किया गया है। प्रदेश में परिवहन सेक्टर से जुड़े लोगो को हो रहे नुक्सान को देखते हुए वाहनों के परमिट पर 1 साल की छूट का फैसला लिया गया है, जबकि टैक्सी, टाइप, मैक्सी, ऑटो रिक्शा विक्रम के परमिट पर 3 महीने की छूट दी जाएगी। बैठक में उघोगों को दी जाने वाले राहत को लेकर कैबिनेट की सब कमेटी बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष हरक सिंह रावत को बनाया गया।

प्रवासियों को सीमा पर क्वारंटाइन करना चुनौती

वही हाईकोर्ट के रेड जोन से लौटने वाले प्रवासियों को बार्डर पर क्वांरटाइन करने के निर्देश पर भी कैबिनेट बैठक में विचार किया गया। इस पर राज्य सरकार ने कोर्ट में पक्ष रखना का निर्णय लिया है, सरकार की माने तो प्रवासियों को सीमा पर क्वारंटाइन किया जाना सम्भव नही है।

बैठक के अन्य जरुरी बिंदु

वन विभाग में वन्यजीव अपराध अधिनियम के तहत 14 पदों को भी बैठक में मंजूरी दी गई है। बिना अनुपस्थिति के 5 साल तक अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों को माना जाएगा बर्खास्त। उत्तराखंड लोक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग नियमावली में हुआ संशोधन। हिंदी की अनिवार्यता को जिला सूचना अधिकारी के लिए किया गया खत्म। सर्व शिक्षा अभियान के तहत सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का विलय ,समग्र शिक्षा अभियान बना नया अभियान। बैठक में एकीकरण से पदों पर चली कैंची 2677 पदों की जगह केवल 1959 पद हुए मंजूर। श्रम सुधार के तहत बोनस में किया गया बदलाव।

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