देहरादून में बनेगा पांचवें सैन्य धाम, दिया शौर्य और पराक्रम का परिचय

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Dehradun News- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज कमांडेंट भारतीय सैन्य अकादमी लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा, डिप्टी कमांडर इन चीफ स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नेगी, डीजीपी अनिल रतूड़ी ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिसके बाद लोक कलाकारों द्वारा स्वागत गीत पेश किया गया। आज सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे लिए सैनिकों का सम्मान सबसे बढक़र है। सेना का सम्मान करना अपने देश का सम्मान करना है। हमारी सेना विशिष्ठ सेना है। हमारी सेना ने हमेशा शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए देश का मान बढ़ाया है। कारगिल जैसी कठिन लड़ाई को भी विपरीत परिस्थितियों में जीता।


सीएम ने कहा कि शक्ति की ही पूजा होती है। जिस देश की सैन्य शक्ति मजबूत है, दुनियां उसे सम्मान देती है। बलि बकरी की दी जाती है, शेर की नहीं। लड़ाई शस्त्र और शास्त्र से जीती जाती है। सेना मजबूत होने से ही देश मजबूत रहेगा। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के पांचवे धाम के रूप में सैन्य धाम का नाम लिया था। हम देहरादून में सैन्य धाम बनाने जा रहे हैं। इसके लिए देहरादून नगर निगम ने 60 बीघा जमीन दे दी है। बजट का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जीवन मूल्यों को भूलना नहीं चाहिए। हम सभी का सामाजिक दायित्व होता है। सैनिकों के प्रति हम सभी में संवेदनाएं हैं। सैनिकों का हित हमारे लिए सबसे पहले है। सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए हमने शासन स्तर अपर मुख्य सचिव और जिला स्तर अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तैनात किया है। हम शहीद सैनिकों व अर्ध सैनिकों के एक परिजन को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रहे हैं। सचिवालय में प्रवेश के लिए सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अलग से प्रवेश पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने आईकार्ड से ही ही सचिवालय में प्रवेश कर सकते हैं। शहीद की पत्नी को सौंपा गया नियुक्ति पत्र इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद डिप्टी कमांडेंट श्री भगवती प्रसाद भट्ट की पत्नी स्वाती भट्ट को उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र दिया।

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