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देहरादून-इस दारोगा ने ऐसे किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, गृह मंत्रालय देगा बेस्ट इंवेस्टीगेशन अफसर का अवॉर्ड

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देहरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क-देवभूमि का नाम हर दिन रोशन हो रहा है। आज हर क्षेत्र में देवभूमि ने अपना डंका बजाया है। खेल के मैदान से लेकर वालीवुड की गलियों तक, सेना से लेकर सौंदर्य के शिखर तक। इसकी कड़ी में एक और नाम जुड़ चुका है। ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में पुलिस को नजीर पेश करने वाले दारोगा जहांगीर अली का नाम गृह मंत्रालय ने बेस्ट इंवेस्टीगेशन अफसर का अवॉर्ड के लिए घोषित किया है। इस खबर से पुलिस महकमे में ही नहीं पूरे देवभूमि में खुशी की लहर दौड़ गई। जहांगीर को यह अवार्ड 15 अगस्त को दिया जायेागस। पहाड़ के संसाधनहीन गांव में पुलिस के लिए जहांगीर का यह काम सीना चौड़ा करने वाला है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने जहांगीर अली को बधाई दी है।

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बगैर गवाह से कर दिया हत्याकांड का खुलासा

रुदप्रयाग के जखोली चौकी इंचार्ज जहांगीर अली ने विगत वर्ष सात अप्रैल 2017 में राजस्व क्षेत्र के कोटबागर में सरोजनी हत्याकांड के खुलासे में जिस तरह से अपने दिमाग का इस्तेमाल किया है। इसकी पुलिस अधिकारियों ने जमकर तारीफ की। जहांगीर ने सरोजनी हत्याकांड का जिस तरह से गांव की छोटी सी दुकान, बाइक, हेलमेट पहनने, रिश्तेदारी, छदंम दुर्घटना जैसे कई लिंक जोडक़र खुलासा किया है। उन्होंने इस कांड में एक माह पुराने मोबाइल कॉल डिटेल और दूसरे मजबूत सबूत भी केस में शामिल किए। हत्याकांड में एक भी गवाह न होने के बावजूद वैज्ञानिक और तकनीकी सबूत के आधार पर जहांगीर ने महज डेढ़ माह के भीतर मुकदमे में चार्जशीट भी लगा दी थी। कोर्ट ने इस मुकदमे को विरल से विरलतम श्रेणी का मानते हुए हत्यारे मुकेश थपलियाल, सत्येश कुमार उर्फ सोनू को फांसी की सजा सुनाई है। जबकि लूट का सामान खरीदने वाले सुनारों अवधेश शाह एवं राजेश रस्तोगी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।