देहरादून-सडक़ किनारे चाय बेचकर परिवार पाल रहा पिता, अब बेटा बनेगा कैमिकल इंजीनियरिंग

Slider

देहरादून-कहते है पूत के पांव पालने में ही दिख जाते है। ऐसा ही हुआ ऋषिकेश के रहने वाले व्योम गुप्ता के साथ। गरीब परिवार के व्योम ने कड़ी मेहनत से आसमान छूं लिया। व्योम गुप्ता ने जेईई परीक्षा पास कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान आइआइटी दिल्ली में कैमिकल इंजीनियरिंग में दाखिला पाया है।

गरीबी से व्यक्ति को आगे बढऩे में जोश भरती है ये गरीबों की ये पंक्तियां सच साबित हुई। व्योम ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। वो पिता जो सडक़ किनारे चाय बेचकर परिवार को पाल रहा है वही व्योम के सबसे बड़े देवता है।

Slider

Vyom Gupra Dehradun

चाय का ठेला लगाते है व्योम के पिता

ऋषिकेश के संजय गुप्ता सडक़ किनारे चाय का ठेला लगतार अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे है। उनके बेटे व्योम ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आइआइटी में अपनी कठिन लगन और परिश्रम के बूते प्रवेश जो पाया है। इसकी चर्चाएं पूरे क्षेत्र में है। व्योम बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार है। दो भाइयों में सबसे बड़ा व्योम है। इससे पहले 10वीं में व्योम ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किये उसके बार 12वीं में 97.4 प्रतिशत अंक हासिल का अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

दिल्ली को हुआ रवाना

इसके बाद वह प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी में जुट गया। गत वर्ष ही इंजीनियरिंग के लिए एनआइटी जयपुर में उसका चयन हो गया था। उसने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश भी ले लिया था। लेकिन उसे कुछ बड़ा करना था। जिसके बाद उसने आइआइटी के लिए तैयारी की और मिल गई सफलता। इस साल व्योम ने जेईई एडवांस में 2045 रैंक व मेंस में 4642 रैंक हासिल कर आखिर आइआइटी में प्रवेश पा ही लिया। व्योम ने आइआइटी दिल्ली में कैमिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया है। तीन जुलाई को व्योम दिल्ली के लिए रवाना हो गया।

उत्तराखंड की बड़ी खबरें