देहरादून- समग्र शिक्षा अभियान के 1959 कार्मिकों के ढांचे पर लगी मुहर, जाने कौन-कौन से पदों पर होगी नियुक्ति

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प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के 1959 कार्मिकों के ढांचे पर मंत्रिमंडल की मुहर लग गई है। ढांचे में शामिल ब्लॉक रिसोर्स परसन (बीआरपी) के 285 और क्लस्टर रिसोर्स परसन (सीआरपी) के 670 पदों को आउटसोर्सिंग के बजाय प्रतिनियुक्ति से भरने को मंजूरी दे दी गई है। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को एकीकृत कर कक्षा एक से 12वीं तक के लिए बना समग्र शिक्षा अभियान प्रदेश में दो साल पहले वर्ष 2018-19 में अस्तित्व में आ चुका है।

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इसके ढांचे पर लंबे इंतजार के बाद सरकार ने आखिरकार निर्णय ले लिया। इससे पहले सर्व शिक्षा अभियान में 2380 और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में 297 पद सृजित किए गए थे। दोनों को मिलाकर कुल 2677 पदों में अब 718 पदों की कटौती हो गई है। नए ढांचे में राज्य स्तर पर कुल 75, जिला स्तर पर 234 और ब्लॉक स्तर पर 1650 पद रखे गए हैं। राज्य स्तर पर शीर्ष पद राज्य परियोजना निदेशक का पदेन जिम्मा शिक्षा महानिदेशक के पास होगा।

कौन-कौन से पदों पर होगी नियुक्ति

अपर राज्य परियोजना निदेशक, वित्त नियंत्रक, संयुक्त निदेशक के एक-एक पद, उप राज्य परियोजना निदेशक के आठ पद विभागीय प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। टेक्निकल एक्सपर्ट और कंप्यूटर प्रोग्रामर का एक-एक पद आउटसोर्सिग से भरा जाएगा। वहीं, प्रशासनिक सह स्टाफ ऑफिसर, वित्त अधिकारी, सहायक लेखा अधिकारी के दो पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। इसी तरह जिला स्तर पर 13 जिला परियोजना अधिकारी पदेन मुख्य शिक्षाधिकारी और 26 अपर जिला परियोजना अधिकारी पदेन जिला शिक्षाधिकारी होंगे।

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ब्लॉक स्तर पर 95 खंड परियोजना अधिकारी पदेन खंड शिक्षाधिकारी होंगे। बीआरपी और सीआरपी के कुल 955 पद प्रतिनियुक्ति से रखे जाएंगे। इन पदों को आउटसोर्सिंग से भरने के शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव पर वित्त की सहमति नहीं मिल पाई। बाद में शिक्षा मंत्री ने प्रतिनियुक्ति से ही पद भरने को मंजूरी दे दी। दरअसल, पिछले कई वर्षों से बीआरसी और सीआरसी की नियुक्ति को लेकर प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षकों में विवाद रहा है। रिसोर्स पर्सन के 47 पद आउटसोर्सिग से भरे जाएंगे। केंद्रपोषित समग्र शिक्षा अभियान योजना में केंद्र की हिस्सेदारी 90 फीसद और राज्य की हिस्सेदारी 10 फीसद है।

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