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दीपावली पर माता लक्ष्मी की खील-बताशे से ही क्यों की जाती है पूजा, वजह है ये खास

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माता लक्ष्मी की खील-बताशे से ही क्यों की जाती है पूजा – दीपावली का पर्व बड़े ही धूमधाम 27 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन कर जीवनभर धन संपत्ति की कामना की जाती है। दीपावली व माता लक्ष्मी से जुड़ी अनेक मान्यताएं व परंपराएं हमारे देश में प्रचलित हैं। दिवाली पर लोग पूजन सामग्री में खील-बताशे जरूर खरीदते हैं। लक्ष्मी पूजा में खील-बताशे अवश्य रखे जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी की पूजा खील बताशों से ही क्यों की जाती है?

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वास्तविक महत्व

खील बताशे का प्रसाद किसी एक कारण से नहीं बल्कि उसके कई महत्व हैं, व्यावहारिक, दार्शनिक और ज्योतिषिय ऐसे सभी कारणों से दीपावली पर खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता है। खील यानी धान (चावल) का ही एक रूप है। खील चावल से बनती है और चावल उत्तर भारत का प्रमुख अन्न भी है। वैसे लक्ष्मी देवी को बेसन और भगवान गणेश को मोदक का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

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ज्योतिषीय महत्व

दीपावली के पहले ही इसकी फसल तैयारी होती है। इस कारण लक्ष्मी को फसल के पहले भाग के रूप में खील बताशे चढ़ाए जाते हैं। खील बताशों को ज्योतिषीय महत्व भी है। दीपावली धन और वैभव की प्राप्ति का त्योहार है और धन वैभव का दाता शुक्र ग्रह माना जाता है। शुक्र ग्रह का प्रमुख धान्य धान ही होता है। शुक्र को प्रसन्न करने के लिए हम लक्ष्मी को खील-बताशे का प्रसाद चढ़ते हैं। यहीं कारण है कि दीपावली के दिन खील-बताशे चढ़ाए जाते हैं। जिससे मां लक्ष्मी की कृपा हम पर सदैव बनी रहती है।