CYBER SECURITY: आंख की पुतली से होगा लेन-देन, रुकेगा साइबर क्राइम

CYBER SECURITY: बरेली: बढ़ते हुए साइबर और बैंकिंग अपराधों (cyber and banking crime) के चलते देश में आने वाले दिनों में ओटीपी (OTP) की जगह आंखों की पुतली (eye retina) के जरिए बैंक की लेनदेन की प्रक्रिया की जाएगी। इस व्यवस्था पर तेजी से काम हो रहा है।
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नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर (National Cyber Security Co-ordinator) के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत ने बताया कि मास्टर कार्ड (master card), वीजा (visa) और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National payment corporation of India) समेत पेमेंट सेवा देने वाली कंपनियों को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं। उनके अनुसार देश में पायलट प्रोजेक्ट (pilot project) के तौर पर इस नई तकनीकी पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस तकनीक को बनाने वाली कंपनियां एक साल के अंदर अपनी रिपोर्ट (report) पेश करेंगी ताकि 2021 से देशभर में इस व्यवस्था को शुरू किया जा सके।

पायलट प्रोजेक्ट को अभी बेंगलुरु, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में ही शुरुआत किया जा रहा है। इसका ट्रायल (trial) भी अभी चुनिंदा लोगों के समूह पर ही किया जाएगा। ट्रायल के बाद प्रथम चरण के लिए इसे देश के मेट्रो शहरों में शुरू किया जाएगा। कामयाब सिद्ध होने पर बाद में पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।

कैसे होगा इस तकनीकी का प्रयोग
इस तकनीक का फोकस (focus) ओटीपी की जगह व्यक्ति के चेहरे और आंख की पुतली पर रहेगा। जिससे खाताधारक के चेहरे का मोबाइल (mobile) या कंप्यूटर  (computer) के कैमरे के जरिए मिलान किया जाएगा। साथ ही आधार  (AADHAR) की तर्ज पर आंख की पुतली का मिलान करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके बाद ही खाताधारक ने लेन देन की प्रक्रिया कर सकेगा।

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