COVID-19: वसीम बरेलवी ने किया ऐलान, देंगे इतने रुपए की मदद

वो मेरे घर नहीं आता , मैं उसके घर नहीं जाता । मगर इन एहतियातों से ताल्लुक मर नहीं जाता . . . । मशहूर शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी (Waseem Barelvi) ने अपने इसी शेर के साथ 21 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) में लोगों से घरों में रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा की घड़ी है। इसमें हर इंसान को खुद पर अंकुश लगाना है। यही अपने परिवार , देश और राष्ट्र के हित में है। सामाजिक दूरी (Social Distancing) बनाकर रखने के जो निर्देश जारी हुए हैं, गंभीरता के साथ उनका पालन करें।
waseem bareilvi
प्रोफेसर वसीम बरेलवी विधान परिषद (Legislative Council) के भी सदस्य हैं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (Chief Development Officer) को भेजे पत्र में अपनी निधि से जनपदवासियों के लिए मास्क (Mask) , सैनेटाइजर (Sanitizer), दवा (Medicines), उपकरण पर नियमानुसार एक करोड़ रुपये तक व्यय करने की अनुमति दी है। न्यूज़ टुडे नेटवर्क से संक्षिप्त मुलाकात में प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने कहा कि हमेशा मेरी कोशिश रही है कि निधि की धनराशि गरीबों के इलाज पर खर्च की जाए। आज जो स्थिति बनी है, शायद इससे बड़ा कोई और समय नहीं हो सकता।

उन्होंने जिस एक बात पर सर्वाधिक जोर दिया वह यह कि लोग घरों से बाहर न निकलें । वसीम बरेलवी बोले विश्व के साधन संपन्न देश भी इस महामारी से बड़ा नुकसान उठा चुके हैं, क्योंकि अभी इसका कोई इलाज नहीं है। हम सामाजिक दूरी बनाकर इस पर काबू पा सकते हैं। सरकार जो कर सकती है, वो कर रही है । 18 दिन या इससे अधिक जो भी समयसीमा हो, उस दौरान घर में रहें। बाहर निकलेंगे तो बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने संपन्न लोगों से गरीब, मजदूरों तक आर्थिक मदद पहुंचाने की अपील की है ताकि उनकी रोजी-रोटी चलती रहे। इसी के साथ वह अपने शेर पढ़ते हैं – दूर तक हाथ में कोई पत्थर न था, फिर भी हम जाने क्यूं सर बचाते रहे

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