COVID-19: जानें कोरोना से बचने के लिए क्या है बेहतर, साबुन या सैनिटाइजर

कोरोना वायरस (Corona virus) भारत में तेजी से  अपने पैर पसार रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस वायरस से बचाव का एक ही रास्ता है वह है खुद की सफाई। ऐसे में समय-समय पर अपने हाथों (Hands) को साबुन या सैनिटाइजर (Soap or Sanitizer) से धोकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल चल रहा होगा कि साबुन या सैनिटाइजर में से कोरोना से लड़ने के लिए सबसे मजबूत हथियार क्या है?
soap or hand sanitizer
कोरोना वायरस अब तक दुनियाभर के कई देशों को अपना शिकार बना चुका है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। देश में लॉकडाउन होने के बाद भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक देश में कोरोनावायरस से संक्रमण के 1190 से की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कल बरेली में भी एक कोरोना वायरस से संक्रमित का मामला सामने आ चुका है।

वायरस के फैलने के बाद से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ लोगों का मानना है कि हैंड सैनिटाइजर साबुन से बेहतर है। कुछ स्वास्थ्य-विशेषज्ञों (Health Specialist) का कहना कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथों का बैक्टीरिया फ्री (Bacteria Free) होना बेहद जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अपने हाथों को समय-समय पर साबुन से धोकर या हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल कर वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स (University of South Wales) के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन को ज्यादा बेहतर विकल्प है। वायरस में मौजूद लिपिड (Lipid) को साबुन आसानी से खत्म कर सकता है। आपको बता दें साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट (Fatty Acids and Salts) जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स (Amphiphiles) कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। जिससे संक्रमित होने का खतरा न के बराबर हो जाता है।

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