COVID-19: छात्रावासों को कोरोना से बचाने के लिये IVRI ने किया यह काम

बरेली: भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण (Corona virus infection) धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसके संक्रमण पर काबू पाना जरूरी है यदि ऐसा ना हो सका तो यह हमारे देश में भी तीसरी स्टेज में पहुंच जाएगा जो कि चीन और इटली पहले ही इस स्‍टेज से गुजर रहे हैं। सरकार भी ये भलि-भांति जानती है जिसको लेकर सरकार ने भी उचित कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ (Ministry of Health) ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में आइसोलेशन वार्ड (Isolation Ward) बनाने को लेकर इसका ब्‍यौरा मांगा है। 
IVRI BAREILLYआईवीआरआई की ओर से मंत्रालय को बिल्डिंगों की सूचना भेज दी गई है। जहां आइसोलेशन वार्ड बनाए जा सकते हैं। यह शुरुआत अभी आईवीआरआई (IVRI) से की गई है आगे धीरे-धीरे सरकार अन्य संस्थानों को भी अधिकृत करके इसकी तैयारी में है। भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलने लगा है। भारत की जनसंख्या को देखते हुए यदि अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस पर काबू करना मुश्किल हो जाएगा। 

सरकार भी इसको रोकने के लिए कोई लापरवाही नहीं बरत रही है। इसी के चलते मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की ओर से आईवीआरआई (Indian Veterinary Research Institute) निदेशक से कैंपस में आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए जरूरी जानकारियां मांगी गई थी। वहीं आईवीआरआई की ओर से इसकी  जानकारियां भेज दी गई हैं। जिसमें आईवीआरआई में स्थित हॉस्टल के भवनों को आइसोलेशन वार्ड के उपर्युक्त पाया गया है। आईवीआरआई की ओर से भी इसकी मंजूरी दे दी गई है। यह जानकारी मिली है कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य संस्थानों को भी सरकार अधिकृत कर आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करेंगी।

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