COVID-19: कुछ दिन बाद न रहेगा कोरोना, न रहेगा ये संकट

बरेली: मानवता को हिलाकर रख देने वाले कोरोना संक्रमण (Corona infection) से अनिश्चितता की धुंध छाई है। सरकार की पहल पर सुरक्षात्मक मुद्रा में लोग घरों में कैद है। वैश्विक स्तर पर जान-माल की छति से चिंताएं स्वभाविक हैं। संक्रमण के कारण उपजे इस संकट में मनोवैज्ञानिक (Psychologist) मानसिक विकार में बढ़ोत्तरी की आशंका जताते हैं।
fight against coronaबरेली कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुविधा शर्मा का मानना है कि शारीरिक स्वास्थ्य (Physical health) से अधिक मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की आवश्यकता है, क्योंकि मानसिक ताकत ही हमें बाकी परिस्थितियों से लड़ाई में जीत दिलाएंगी। भारतीय चिकित्सा शोध परिषद (ICMR) के वर्ष 2017 में किए अध्ययन से यह ज्ञात हुआ था कि 4.49 करोड़ लोग बेचैनी और 4.57 करोड़ अवसादग्रस्त हैं।

बीमारी की दर में बढ़ोत्तरी जारी है। इसमें अवसाद, बेचैनी, अचारण संबंधी रोग, सिजोफ्रिनिया आदि मानसिक विकार से ग्रस्ति लोगों की संख्या लगभग 19.7 करोड़ है। इस तरह हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी रूप से मानसिक बीमारी की चपेट में है। डॉ. शर्मा के मुताबिक कोरोना संक्रमण के कारण जो हालात बने हैं। इसमें कोरोना फोबिया की संभावनाएं अधिक हैं, इसलिए जरूरी है कि संक्रमण से डरें नहीं। सुरक्षा, सावधानी पर ध्यान देते हुए स्वस्थ रहें।

कोरोना पीड़ित संदिग्ध बोला डॉक्टर साहब मेरी जान बचा लो। देखिये अस्पताल में अंदर फिर क्या हुआ। मॉक ड्रिल अस्पताल की।