मजबूरी का गठबंधन : आखिर क्यों माया के पैरों में आईं डिंपल, वजह है ये खास…

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लखनऊ-न्यूज टुडे नेटवर्क : यूं तो बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने में कुछ भी हैरत वाली बात नहीं होती, लेकिन सियायत में इसके कई मायने होते हैं। यहां डिंपल ने जब मायावती के पैर छुए और बसपा प्रमुख ने भी उन्हें ‘परिवार का हिस्सा’ बताते हुए आशीर्वाद दिया तो मकसद कहीं दूर तक संदेश भेजना भी था। उन्होंने डिंपल को न केवल ‘परिवार का हिस्सा’ बताया, बल्कि उनके लिए वोट भी मांगा और उन्हें रिकॉर्ड मतों से जिताने की अपील भी की।

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‘गेस्ट हाउस कांड’ को भूलकर राजनीतिक गठजोड़

कन्नौज से फिलहाल डिंपल ही सांसद हैं। यहां तो मजबूरी में माया के लिए डिंपल भी पैरों में पड़ जाती है। बहरहाल, कन्नौज में डिंपल का बसपा प्रमुख का पैर छूना और ‘बुआ’ का उन्हें आशीर्वाद देना यह भी दर्शाता है कि दोनों दल बहुचर्चित ‘गेस्ट हाउस कांड’ को भूलकर राजनीतिक गठजोड़ ही नहीं, निजी रिश्तों को भी मजबूत बनाने में जुट गए हैं। जून 1995 को स्टेट गेस्ट हाउस कांड में भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी  ने बसपा नेता मायावती को बचाया था। साथ ही मायावती और कांशीराम पर हमला बोलने आए सपा के लोगों से मोर्चा लिया था, जिसके चलते  सपा नेताओं द्वारा उनकी हत्या कर दी गई जो आज भी जेल में कैद हैं।

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जब ‘बुआ’ के पैर छुए डिंपल ने

राजनीति अच्छे-अच्छों को किसी के भी चरणों में झुकाने की ताकत रखती है। और अभी देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। तीन चरणों के मतदान संपन्न हो चुके हैं और चौथे चरण की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में कन्नौज में बसपा सुप्रीमो मायावती चुनाव प्रचार करने पहुंची थी। उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं। इसी वजह से कन्नौज सीट से गठबंधन की तरफ से डिंपल यादव चुनावी मैदान में हैं। बुआ अपना फर्ज निभाते हुए डिंपल के प्रचार के लिए कन्नौज पहुंची थी। जब मायावती मंच पर पहुंची तो डिंपल ने स्मृति चिन्ह से बुआ का सम्मान किया। इसके बाद डिंपल यादव मायावती के चरणों में आ गईं। मतलब कि डिंपल ने मायावती के पैर छुए और जीत का आशीर्वाद लिया।

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‘बुआ’ ने सिर पर हाथ रख दिया आशीर्वाद

मायावती ने तुरंत डिंपल के सिर पर हाथ रखा और उन्हें जीत के लिए आशीर्वाद दिया। मायावती ने कन्नौज में जनता को संबोधित किया और डिंपल के लिए वोट मांगे। इस दौरान जनता को मंच से संबोधित करते हुए माया ने कहा कि, गठबंधन के बाद वे डिंपल को अपनी बहू मानती हैं। उन्होंने जनता से अपील की, कि सभी लोग डिंपल को भारी मतों से विजयी बनाएं और फिर से एक बार संसद पहुचाएं। मायावती ने कहा कि, सपा अध्यक्ष अखिलेश ने हमेशा ही उनका एक बड़े की तरह सम्मान किया है। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी ने उनके गठबंधन को तोडऩे की हर संभव कोशिश की। लेकिन उनका कोई भी हथकंडा इसमें सफल नहीं हो सका, और न कभी होगा।