नई दिल्ली- यहां SantaClous का नहीं डरावने व्यक्ति का इंतजार करते है बच्चे, जाने किस अंदाज में मनाते है क्रिसमस

0
82

नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: क्रिसमस, इसाई धर्म का मुख्य त्योहार है। दुनिया में हर जगह लोग इसे काफी धूमधाम और जोर-शोर से मनाते हैं। क्रिसमस पर संता द्वारा बच्चों को तोहफे देने और क्रिसमस ट्री सजाने का रिवाज हर जगह प्रचलित है। क्रिसमस का जश्न यूं तो हर कोई मनाता है लेकिन कई देश ऐसे भी हैं जिसमें ये त्योहार बड़े ही अजीबो-गरीब तरीके से मनाया जाता है। आइए जानते हैं कैसे मनाया जाता है अलग-अलग देशों में क्रिसमस का जश्न। और होता है यहां क्रिसमस में खास।

ऑस्ट्रिया में इस अंदाज में मनाते है क्रिसमस

ऑस्ट्रिया के क्रमपुस में क्रिसमस की शाम एक व्यक्ति डरावना भेष बनाकर पूरे शहर में घूमता है और लोगों को डराता है और और गलत लोगों को उनके बुरे काम की सजा देता है। मान्यता है कि संत निकोलस क्रिसमस पर अच्छे बच्चों को प्यार करते थे और उपहार देते थे वहीं अकॉमप्लिस क्रमपुस शैतान बच्चों को खूब डराता और सजा देता था। वही वेनेजुएला के काराकास में क्रिसमस की शाम सारे शहर के लोग स्केटिंग करते हुए यीशु के दर्शन करने चर्च जाते हैं। इस दौरान पूरे शहर का यातायात रोक दिया जाता है ताकि स्केटिंग करते समय कोई दुर्घटना ना हो जाए।

जर्मनी में क्रिसमस सेलिब्रेशन का अंदाज

जर्मनी के लोग भी क्रिसमस का जश्न बहुत ख़ास तरीके से मनाते हैं। जैसे हर जगह क्रिसमस पर उपहार बांटने संता आता है वहीं जर्मनी में कोई व्यक्ति निकोलस का रूप धारण करता है और वो मध्य रात्रि में गधे पर सवार होकर बच्चे और बड़े लोगों के लिए घर के बाहर गिफ्ट छोड़ जाता है। लेकिन जब निकोलस लोगों के घर जाता है तो छोटे बच्चों को कोई कविता या गाना सुनाने का आदेश देता है। बच्चे उसके लिए गाना-गाते हैं, चित्रकारी करते हैं।

यहां क्रिसमस में छिपाई जाती है झाडू

नॉर्वे में लोग बड़ी अजीबो-गरीब तरीके से क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं। इस दिन लोग अपने घर की झाड़ू को किसी कोने में छिपा देते हैं। दरअसल, इसके पीछे यह मान्यता है कि इस दिन सभी बुरी आत्माएं झाड़ू की खोज में रहती हैं ताकि वो उड़ सकें। इसलिए बुरी आत्माओं के घर में प्रवेश के डर से लोग झाड़ू को ठिकाने लगा देते हैं। तो कोलंबिया में वर्जिन मैरी के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए लिटिल कैंडल डे से ही क्रिसमस की शुरुआत हो जाती है। लिटिल कैंडल डे 7 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन जश्न के रूप में लोग अपने घर के कोनों, बालकनी को रंग-बिरंगी कैंडल्स से सजाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here