छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम, गंभीर बीमारी होने पर 5 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक मदद करेगी भूपेश सरकार

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5 लाख रुपए की आर्थिक मदद-  पैसे के अभाव में आजकर कितने मरीज बीमारी से जूझते रहते हंै कई लोगों की तो इस वजह से मौत भी हो जाती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने इन लोगों के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार की तरफ से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसका लाभ उठाने के लिए गरीबों को प्रामण पत्र हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के पास जमा कराना होगा। यही नहीं, इलाज में मदद की पूरी प्रक्रिया अब ट्रस्ट के जरिए होगी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के मुताबिक यह स्कीम अगली कैबिनेट से पहले लागू हो सकती है। बता दें वर्तमान में देश और प्रदेश में लागू हर तरह की स्वास्थ्य स्कीम में इलाज के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ सरकार इस सीमा को बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

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ऐसे मिलेगी आर्थिक मदद

योजना के तहत लाभार्थी को इलाज में आने वाले खर्च का विवरण हेल्थ विभाग को देना होगा। साथ ही बीमारी की पूरी डिटेल, आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, मोबाइल नंबर आदि कागजात भी जमा करने पड़ेंगे।

महीनेभर में ही ट्रस्ट मोड पर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में घोषणा की थी कि प्रदेश सरकार जल्द ही आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का पूर्ण संचालन करेगी। सीएम की इस घोषणा के बाद इसके लिए ट्रस्ट बनाने की दिशा में काम भी शुरु हो गया है। बताया गया है कि मौजूदा अनुबंधित बीमा कंपनी रेलिगेयर से राज्य सरकार का अनबुंध सितंबर में खत्म हो चुका था, लेकिन अधूरी तैयारियों के बीच सरकार ने अनुबंध नवंबर तक के लिए बढा दिया। दिसंबर से ट्रस्ट मोड पर योजनाएं संचालित होने लगेंगी। क्योंकि बीमा कंपनी को सालाना लगभग 400 करोड़ रुपए का भुगतान हो रहा था। सरकार का मानना है कि ट्रस्ट के माध्यम से इलाज करवाने से इन पैसों का सदुपयोग हो सकेगा। वर्तमान में वर्तमान में संजीवनी राहत कोष, बाल हृदय योजना, बाल श्रवण योजना का संचालन खुद राज्य सरकार कर रही है।

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ट्रस्ट बन जाने से मरीजो को मिलेगा लाभ

वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों का इलाज किया जाता है। इसमें केंद्र का अंशदान 60 फीसदी और राज्य का 40 फीसदी रहता है। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को बीमा कंपनियों या फिर ट्रस्ट बनाकर इस योजना का लाभ देने का विकल्प दिया गया था।

हाइिब्रड से ट्रस्ट मॉडल में आने की तैयारी

अभी तक नौ राज्य ऐसे हैं, जो पूरी तरह बीमा मॉडल पर चल रहा है, वहीं 17 राज्य ऐसे हैं, जहां ट्रस्ट मॉडल चल रहे हैं। 7 राज्यों में हाईब्रिड मॉडल चल रहा है, जहां इंश्योरेंस और ट्रस्ट मॉडल है। इसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। छत्तीसगढ़ अब हाइिब्रड मॉडल से हटकर ट्रस्ट मॉडल में आने की तैयारी में है।

 

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