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छत्तीसगढ़ -अब 10वीं12वीं के छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य, नहीं तो परीक्षा से हो सकते हैं वंचित

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के नियम बनाए हैं। स्कूलों में नियमित पढ़ाई करने वाले ऐसे विद्यार्थी जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम रहेगी वे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। हालांकि ऐसे विद्यार्थियों को बचे समय में अवसर देने में विभाग जुटा है। उसकी ओर से छात्र-छात्राओं सहित उनके अभिभावकों को भी स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी अगर विद्यार्थी रुचि नहीं लेंगे तो इसका प्रभाव जिले के वार्षिक परीक्षा परिणाम पर दिखेगा।

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 कई शासकीय स्कूलों में छात्र-छात्राएं नहीं अटेंड करते स्कूल

हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में अध्ययनरत बोर्ड कक्षाओं के छात्रों की परीक्षा 2 मार्च से शुरू हो जाएगी। स्कूलों में  ऐसे विद्यार्थी हैं वो क्लास ही नहीं अटेंड करते हैं या फिर नियमित नहीं आते। यही स्थिति रही तो परीक्षा से पहले उनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम रहेगी। अब जिला शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल नहीं आने वाले छात्र-छात्राओं का चिह्नांकन किया जा रहा है। चिन्हित छात्रों के पालकों को सूचना देकर छात्रों को स्कूल भेजने प्रेरित किया जाएगा।

स्कूल नहीं आएंगे तो प्रभावित होगा रिजल्ट

10वीं और 12वीं कक्षा में दर्ज छात्र अगर परीक्षा से पहले स्कूल आना शुरू नहीं करते हैं और अटेंडेंस नहीं होती है तो इसका प्रभाव सीधे जिले के रिजल्ट पर पड़ेगा। जिले का रिजल्ट खराब न हो इसके लिए जिला स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। ताकि छत्तीसगढ़ में जिले का रिजल्ट गत वर्ष की तरह इस बार भी बेहतर आए। बहरहाल अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को स्कूल लाने की कवायद की जा रही है।

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विद्यार्थियों के अभिभावकों को दी जा रही है जानकारी

कोरबा के जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे ने बताया कि नियमित स्कूल नहीं आने वाले ऐसे छात्र जिनकी उपस्थिति काफी कम है जिसकी वजह से वे मुख्य परीक्षा में नहीं बैठ सकते। ऐसे छात्रों के अभिभावकों को सूचना दी जा रही है। जिले में अब तक 900 छात्रों का चिन्हांकन किया गया है। इनके अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजकर उपस्थिति पूरी कराने कहा गया है।

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