छत्तीसगढ़- आप जो पानी पी रहे हैं, वह पानी साफ है या नहीं, ऐसे करें मुफ्त जांच

बिलासपुर- क्या आपको पता है कि जो पानी आप पी रहे हैं वह पीने योग्य पानी है या नहीं, अगर नहीं पता तो उसकी जांच जरूर करा लें। क्योंकि वैज्ञानिक रूप से सत्यापित है कि 80 प्रतिशत बीमारियां प्रदूषित पेयजल के उपयोग से हो रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सीएमडी कॉलेज ने लोगों की सुविधा के लिए पेयजल के नि:शुल्क जांच शुरू की है। कॉलेज में जो भी अपने घर के पानी का सैंपल लाएगा, उसकी वहां मुफ्त जांच होगी। अपने घर में आप जिस पेयजल का उपयोग कर रहे हैं, उसकी जांच करवाना चाहते हैं, तो कॉलेज में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक सैंपल जमा कर सकते हैं।

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छात्र करेंगे जांच, 3 दिन में मिल जाएगी रिपार्ट

सीएमडी कॉलेज के चेयरमैन पं. संजय दुबे और प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ने बताया कि पानी की वजह से ज्यादा लोगों की तबीयत खराब होने की जानकारी मिल रही है। इसके मद्देनजर यह सुविधा लोगों को दी जा रही है। रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. हर्षा शर्मा ने बताया कि पानी की जांच उनके विभाग में की जाएगी। इसके लिए सभी केमिकल और इंस्टूमेंट कॉलेज में उपलब्ध है। सैंपल जमा करने के 3 दिन के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी। अपने आस-पास के नलकूप, नगर पालिका की सप्लाई, हैंडपंप, सबमर्सिबल आदि से सप्लाई होने वाला पानी की गुणवत्ता की जांच करा सकते हैं।

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खराब पानी से लीवर को नुकसान

डॉ. शर्मा ने बताया कि घरों के हैंडपंप से निकलने वाले पानी की मात्रा में आयरन की मात्रा ज्यादा पाई मिल रही है। इसके कारण लोगों में लीवर के साथ ही जोड़ों के दर्द की बीमारी हो रही है। पानी में मिले हुए कीटनाशक शरीर पर दूरगामी प्रभाव डालते हैं। दूषित पेयजल से नर्वस सिस्टम और प्रजनन क्षमता तक प्रभावित हो सकती है। भूमिगत संक्रमित जल में लेड की मात्रा भी पाई जाती है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों और महिलाओं पर पड़ता है। पीने योग्य पानी में कभी-कभी नाइट्रेट भी मिले होते हैं। यह फॉर्मूला दूध पीने वाले बच्चों के लिए तो प्राणघातक सिद्ध हो सकता है।

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क्या है कारण

आखिर क्या कारण है कि शुद्ध पानी लोगों को नसीब नहीं हो पा रही है ? आप सब ने बचपन में केमिस्ट्री की किताबों में pH के बारे में पढ़ा होगा, इससे पानी में एसिड की मात्रा कितनी है या पानी कहीं बेसिक तो नहीं, इसका पता लगाया जाता था। साफ पानी का pH कम से कम 6 से 8.2 के बीच होना चाहिए। 7 के नीचे पीएच वैल्यू आने पर वह एसिडिक और 7 के ऊपर पीएच वैल्यू आने पर बेसिक होता चला जाता है।

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