CAREER: डिग्री के साथ वैल्यू एडेड डिप्लोमा खोल देता है नौकरी के दरवाजे, जानिए इंटरमीडिएट के बाद कैसे करें सही कोर्स का चुनाव

कॅरियर मंत्रा
बीए, बीएससी बीकॉम की पढ़ाई करने के साथ-साथ ले सकते हैं रोजगारपरक डिप्लोमा
अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेंगे तो बदल जाएगी आपकी दुनिया, मिलेगी शानदार नौकरी

न्यूज टुडे नेटवर्क
इंटरमीडिएट के बाद कॅरियर का चुनाव कैसे करें? यह सवाल इन दिनों देश के करोड़ों युवाओं के मन में है। आइए आज इसका जवाब खोजते हैं। एक दौर था जब इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॅरियर के दो बेहतरीन विकल्प हुआ करते थे। मगर बदलती दुनिया और बढ़ते अवसरों ने पूरा परिदृश्य बदलकर रख दिया है। अब आप बीए, बीएससी, बीकॉम जैसे ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेकर साथ में कोई रोजगारपरक डिप्लोमा कर सकते हैं। डिप्लोमा चुनने में समझदारी देश में ही नहीं विदेशों में भी आपके लिए रोजगार के दरवाजे खोल देगी।
MISSION ADMISSION
कुछ समय पहले तक एक ही छात्र एक साथ डिग्री और डिप्लोमा कोर्स नहीं कर सकता था। मगर अब सरकार ने इसकी इजाजत दे दी है। इसे वैल्यू एडेड कोर्स कहा जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आपकी कीमत सच में बढ़ जाती है। यानी आपके लिए रोजगार के दरवाजे खुल जाते हैं।

समझदार बनें, सही कोर्स चुनें
एक दौर था जब इंजीनियरिंग और मैनेजरमेंट करने के बाद नौकरी तय मानी जाती थी। मगर, देखते ही देखते पूरे देश में इन कालेजों की बाढ़ सी आ गई। हर साल इंजीनियर और एमबीए की फौज निलकने लगी तो नौकरियों और जॉब सीकर्स का अनुपात गड़बड़ा गया। आज देश के टॉप कालेजों को छोड़कर बाकी कॉलेजों से इंजीनयिरंग और मैनेजमेंट करने वालों को मनचाही नौकरी और मनपसंद सेलरी नहीं मिलती। अगर केवल उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां इंजीनियरिंग के कॉलेजों की संख्या 598 है। भारत में हर साल 15 लाख से अधिक इंजीनियर तैयार होते हैं। मगर इतनी नौकरियां नहीं हैं। ऐसे में यह समझ लें कि अब ऐसे सारे परंपरागत कोर्स में सबके लिए जॉब पॉसिबल नहीं है। यहां केवल टॉपर जॉब पा रहे हैं, बाकी या तो वेटिंग में रहते हैं या छोटी-मोटी नौकरी करके काम चलाते हैं। इससे इतर कुछ ऐसे सेक्टर भी हैं जहां नौकरियों की भरमार है। मगर, जागरूकता के अभाव में युवा उन सेक्टर्स में जाने के लिए पढ़ाई नहीं कर पाते हैं।

जानिए कैसे करें सही कोर्स का चुनाव
ऐसे दौर में ऐसे कोर्स करने जरूरी हैं जिनमें जॉब ज्यादा और ट्रेंड लोग कम हैं। क्योंकि अभी इनके कॉलेजे कम हैं।  यही वजह है कि कोर्स करके निकलने वाले हर स्टूडेंट को जॉब मिल रही है। इनमें से कुछ मुख्य क्षेत्र हैं होटल मैनेजमेंट, एयरलाइंस, फैशन, एनिमेशन, नैनो टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मर्चेंट नेवी।
ज्यादातर स्टूडेंट इस समय लीक से हटकर परंपरागत कोर्स के बजाए जॉब ओरिएंटेड स्ट्रीम का चुनाव कर रहे हैं। खास बात यह है कि गार्जियन भी उन्हें इस बात पर सपोर्ट कर रहे हैं। इसलिए छात्र छात्राएं डिग्री के साथ-साथ वैल्यू ऐडेड कोर्स पर ध्यान दे रहे हैं। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए के साथ-साथ होटल मैनेजमेंट, एयरलाइन, टूरिज्म, नैनोटेक्नोलॉजी जैसे जॉब ओरिएंटेड कोर्स की ओर रुख कर रहे हैं।
आज अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अपने से दूर रख कर भी पढ़ाने के लिए देश विदेश में कहीं भी भेजने को तैयार हैं। जिससे स्टूडेंट्स को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। इसलिए स्ट्रीम के चयन को लेकर भी दायरा बढ़ गया है। विषय चयन को लेकर बच्चों को अभिभावकों की ओर से ज्यादा अधिकार मिल रहे हैं जिससे वे अपनी क्षमता और रूचि के अनुसार स्ट्रीम का चयन कर रहे हैं।
ट्रेंड में आए इस बदलाव से देश में शिक्षा का माहौल बदल रहा है। और इस वजह से छोटे छोटे शहरों में भी जॉब ओरिएंटेड कोर्स की शिक्षा मिलना आरंभ हो चुकी है क्योंकि इन कोर्स को करने के उपरांत स्टूडेंट को जॉब मिल रही है। इसलिए इन क्षेत्रों का चुनाव स्टूडेंट बहुत तेजी से कर रहे हैं।

बिल्डिंग नहीं, कालेज में इन चीजों को देखें एडमिशन के वक्त
सबसे जरूरी बात, अधिकांश छात्र-छात्राएं केवल कॉलेज की बिल्डिंग देखकर ही मोहित हो जाते हैं। अच्छी बिल्डिंग, अच्छी पढ़ाई की गारंटी नहीं है। कॉलेज में एडमिशन लेते वक्त यह जरूर देख लें कि वहां का मैनेजमेंट नौकरी दिलाने के लिए कितने प्रयास करेगा। वहां पर्सनालिटी डेवलपमेंट, इंगलिश स्पीकिंग, लाइब्रेरी क्लासेज, जीडी क्लासेज, इंटरव्यू क्लासेज होती हैं या नहीं। अगर कालेज यह सब कराता है तो आप एडमिशन के वक्त ही अपने कॅरियर का रास्ता साफ कर लेते हैं।

कॅरियर को लेकर कोई उलझन है तो हमसे पूछें
अगर आपको अपने कॅरियर को लेकर कोई उलझन है। मन में कुछ सवाल हैं जो आपको बेचैन कर रहे हैं तो आप अपने भरोसेमंद न्यूज पोर्टल न्यूज टुडे नेटवर्क की कॅरियर काउंसलिंग टीम से संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम मोबाइल नंबर 8171337773 और 8171427772 पर उपलब्ध है। टीम कॅरियर से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब देगी। आप इस नंबर पर सुबह 10 बजे से रात के 10 बजे तक फोन कर सकते हैं। फिलहाल हेल्पलाइन 12 घंटे काम करेगी। छात्र-छात्राओं की कॉलिंग बढ़ने पर इसका वक्त बढ़ाया जा सकता है।

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